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12 लाख कर दिए खर्च अब स्ट्रील ब्रिज नहीं, बॉक्स कलवर्ट बनेगा

Sat, 28 Apr 2018 11:00 PM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:00 PM IST
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12 लाख कर दिए खर्च अब स्ट्रील ब्रिज नहीं, बॉक्स कलवर्ट बनेगा
नई टिहरी। 12 लाख खर्च करने के बाद लोनिवि चंबा ने पागरखाल गदेरे में अब स्टील ब्रिज का निर्माण करने से हाथ खड़े कर दिए है। स्टील ब्रिज के स्थान पर गदेरे से वाहनों के आवागमन के लिए अब बॉक्स कलवर्ट का निर्माण किया जा रहा है। लोनिवि के अधिकारियों ने दावा किया है कि इस वर्ष बारिश के सीजन में पागरखाल क्षेत्र के लोगों को गदेरे में जान जोखिम में डालकर आवागमन नहीं करना पड़ेगा। जून माह तक पागरखाल गदेरे का ट्रीटमेंट का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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वर्ष 2016 की आपदा में पागरखाल गदेरे के उफान पर आने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया था। बीपुरम जाने वाली सड़क भी दो दिनों से यातायात के लिए अवरूद्व हो गई थी। आपदा से क्षतिग्रस्त मार्ग मरम्मत के लिए पागरखाल गदेरे में ट्रीटमेंट के लिए 35 लाख की स्वीकृति मिली थी। पागरखाल को जाने वाली सड़क पर लोनिवि ने स्टील ब्रिज का निर्माण करना था। बिना वस्तु स्थिति समझे आनन-फानन में लोनिवि ने स्टील ब्रिज निर्माण शुरू किया, जिस पर 12 लाख खर्च भी हो गए, तब अधिकारियों को समझ आ रहा है कि यहां स्टील ब्रिज निर्माण करना उचित नहीं होगा।
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इस बाबत सवाल करने पर लोनिवि चंबा के ईई गौरव थपलियाल बताते हैं कि स्टील ब्रिज निर्माण के लिए गदेरे में उपयुक्त स्थान नहीं मिला। इसलिए गदेरे में बॉक्स कलवर्ट का निर्माण शुरू कर दिया गया है। जिसकी ऊंचाई गदेरे से आठ मीटर अधिक होगी, ताकि बारिश के दिनों में पानी की निकासी आसानी से हो सके। 20 जून तक ट्रीटमेंट कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हर दिन निर्माण कार्य की मानटरिंग की जा रही है।
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क्या है स्टील ब्रिज
स्टील ब्रिज भी बेली ब्रिज की तरह होता है। ऐसे पुलों का निर्माण असुविधाजनक स्थानों पर किया जाता है। आपदा या अन्य किसी कारण पुल क्षतिग्रस्त होने से स्टील पुल की मरम्मत जल्द की जा सकती है। बेली ब्रिज की तरह स्टील पुल पर भी बड़े वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकता है। ऐसे पुलों पर अधिकांश निर्माण सामग्री लोहे या स्टील के फ्रेम की लगी रहती है।
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