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कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर देंगे पोषाहार
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:04 PM IST
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नई टिहरी। आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित पोषाहार के अलावा 0 से छह वर्ष तक के कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के माध्यम से स्थानीय उत्पाद से तैयार बाल पोषाहार निशुल्क वितरित किया जाएगा। डीएम सोनिका ने योजना का शुभारंभ करते हुए चंबा ब्लॉक के 30 अति कुपोषित बच्चों को पोषाहार वितरित किया। उन्होंने बताया कि एसडीएम सहित जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए उन्हें गोद लिया है। हर माह की पांच तारीख को वजन दिवस मनाने अधिकारी केंद्रों पर जाकर उनका मार्गदर्शन करेंगे।
शुक्रवार को यहां कलक्ट्रेट सभागार में आजीविका मिशन द्वारा पंतनगर विवि रानीचौरी के कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में मखलोगी स्वायत्त सहकारी संस्था नकोट रानीचौरी की ओर से तैयार पोषाहार का वितरण किया गया। डीएम ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति माता-पिता को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से उनके खराब स्वास्थ्य की जानकारी देने को भी कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच भी कराई। डीएम ने कमजोर महिलाओं के खून की जांच कराने और आयरन की गोली देने के निर्देश दिए हैं। डीपीओ विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में 2017 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिसमें से 1964 कार्यशील हैं। इन केंद्रों में 403 कुपोषित और 72 अतिकुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए हैं। उनका प्रत्येक माह की पांच तारीख को वजन तोलकर उन्हें पोषाहार दिया जाएगा। इस मौके पर आजीविका के प्रभागीय परियोजना प्रबंधक डा. हीरा बल्लब पंत, डा. पीयूष त्रिपाठी, रंजू उपाध्याय, जगमोहन सिंह नेगी, चंद्रप्रकाश डंगवाल, अनूप कृषाली व प्रीतम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को यहां कलक्ट्रेट सभागार में आजीविका मिशन द्वारा पंतनगर विवि रानीचौरी के कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में मखलोगी स्वायत्त सहकारी संस्था नकोट रानीचौरी की ओर से तैयार पोषाहार का वितरण किया गया। डीएम ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति माता-पिता को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से उनके खराब स्वास्थ्य की जानकारी देने को भी कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच भी कराई। डीएम ने कमजोर महिलाओं के खून की जांच कराने और आयरन की गोली देने के निर्देश दिए हैं। डीपीओ विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में 2017 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिसमें से 1964 कार्यशील हैं। इन केंद्रों में 403 कुपोषित और 72 अतिकुपोषित बच्चे चिन्हित किए गए हैं। उनका प्रत्येक माह की पांच तारीख को वजन तोलकर उन्हें पोषाहार दिया जाएगा। इस मौके पर आजीविका के प्रभागीय परियोजना प्रबंधक डा. हीरा बल्लब पंत, डा. पीयूष त्रिपाठी, रंजू उपाध्याय, जगमोहन सिंह नेगी, चंद्रप्रकाश डंगवाल, अनूप कृषाली व प्रीतम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
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