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कंप्यूटर नहीं सिखाते तो शुल्क वापस करे स्कूल:डीएम
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:44 PM IST
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नई टिहरी। अधिक शुल्क वसूलने और अन्य समस्याओं को लेकर ऑल सेंट कान्वेंट स्कूल में जिला शिक्षाधिकारी बेसिक सुदर्शन सिंह बिष्ट मध्यस्थता में खुली बैठक हुई। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर रि-एडमिशन फीस को वार्षिक शुल्क के नाम पर वसूलने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने स्कूल में पीटीए गठन की मांग उठाई।
सोमवार को ऑल सेंट स्कूल में आयोजित बैठक में डीएम सोनिका ने कहा कि यदि नर्सरी और केजी कक्षाओं में बच्चों को कंप्यूटर नहीं सिखाया जाता है, तो शुल्क लौटाया जाए। साथ ही स्कूल में अभिभावक-अध्यापक संघ के गठन के निर्देश दिए। इस पर स्कूल के प्रबंधक सोजन ने कहा कि कान्वेंट अल्पसंख्यकों का स्कूल है, इसलिए यहां पर पीटीए गठन की बाध्यता नहीं है। इस पर अभिभावक भड़क उठे। अभिभावकों ने शुल्क जमा करने की तिथि 10 दिन तक बढ़ाने की मांग की। साथ ही शुल्क का भुगतान करने के लिए स्कूल में स्वैप मशीन लगाने और ऑन लाइन बैंकिंग की सुविधा देने की मांग की। अभिभावकों ने स्कूल बसों को पूर्व की भांति संचालित करने की मांग की।
जिला शिक्षाधिकारी बेसिक बिष्ट ने निर्देश दिए कि वार्षिक शुल्क में क्या-क्या लिया जा रहा है। इसको फीस बुक में खोला जाए। कहा कि स्कूल ने मरम्मत के नाम पर अधिक फीस वसूली, तो कार्रवाई होगी। प्रिसिंपल सिस्टर ऐन्सी ने बताया कि उनका स्कूल सबसे कम मासिक शुल्क ले रहा है। साथ ही अध्यापकों को भी मानकों के अनुसार वेतन दे रहा है। बैठक में अभिभावक रविंद्र सेमवाल, भुवनेश्वर बड़ोनी, राजीव नेगी, एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा, ज्ञान प्रकाश सिलस्वाल, अनुसूया नौटियाल, बबीता देवी, लक्ष्मी, आरती, सीमा, रेखा मौजूद रहे।
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सोमवार को ऑल सेंट स्कूल में आयोजित बैठक में डीएम सोनिका ने कहा कि यदि नर्सरी और केजी कक्षाओं में बच्चों को कंप्यूटर नहीं सिखाया जाता है, तो शुल्क लौटाया जाए। साथ ही स्कूल में अभिभावक-अध्यापक संघ के गठन के निर्देश दिए। इस पर स्कूल के प्रबंधक सोजन ने कहा कि कान्वेंट अल्पसंख्यकों का स्कूल है, इसलिए यहां पर पीटीए गठन की बाध्यता नहीं है। इस पर अभिभावक भड़क उठे। अभिभावकों ने शुल्क जमा करने की तिथि 10 दिन तक बढ़ाने की मांग की। साथ ही शुल्क का भुगतान करने के लिए स्कूल में स्वैप मशीन लगाने और ऑन लाइन बैंकिंग की सुविधा देने की मांग की। अभिभावकों ने स्कूल बसों को पूर्व की भांति संचालित करने की मांग की।
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जिला शिक्षाधिकारी बेसिक बिष्ट ने निर्देश दिए कि वार्षिक शुल्क में क्या-क्या लिया जा रहा है। इसको फीस बुक में खोला जाए। कहा कि स्कूल ने मरम्मत के नाम पर अधिक फीस वसूली, तो कार्रवाई होगी। प्रिसिंपल सिस्टर ऐन्सी ने बताया कि उनका स्कूल सबसे कम मासिक शुल्क ले रहा है। साथ ही अध्यापकों को भी मानकों के अनुसार वेतन दे रहा है। बैठक में अभिभावक रविंद्र सेमवाल, भुवनेश्वर बड़ोनी, राजीव नेगी, एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा, ज्ञान प्रकाश सिलस्वाल, अनुसूया नौटियाल, बबीता देवी, लक्ष्मी, आरती, सीमा, रेखा मौजूद रहे।
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