फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   श्रीमद्भागवत गीता का गढ़वाली अनुवाद

श्रीमद्भागवत गीता का गढ़वाली अनुवाद

Wed, 14 Mar 2018 10:36 PM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत गीता का गढ़वाली अनुवाद
थत्यूड़ (टिहरी)। रामायण का गढ़वाली भाषा में अनुवाद करने के बाद अनुवादक देवेंद्र प्रसाद चमोली ने श्रीमद्भागवत गीता का भी गढ़वाली भाषा में अनुवाद किया है। गीता का क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करने पर योग गुरु बाबा रामदेव सहित कई संतों ने उनकी प्रशंसा की है।
विज्ञापन

जौनपुर ब्लॉक के ग्राम पापरा निवासी अनुवादक देवेंद्र ने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने रामायण का गढ़वाली भाषा में अनुवाद किया था। इसकी प्रशंसा करते हुए प्रदेश सरकार ने गढ़वाली रामायण को सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई थी। इससे उत्साहित होकर उन्होंने वर्ष 2014 से श्रीमद्भागवत गीता को भी गढ़वाली भाषा में अनुवाद करना शुरू किया था। निरंतर प्रयास के बाद गीता के 18 अध्याय और सात सौ श्लोकों का गढ़वाली भाषा में भाषांतरित किया गया है। उन्होंने कहा कि रामायण और श्रीमद्भागवत गीता का गढ़वाली अनुवाद होने से जहां क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं लोग आसानी से गीता और रामायण का अध्ययन कर सकेंगे। भाषातरित करने पर योग गुरु बाबा रामदेव, संत मुरारी बापू, गो कथावक्ता गोपालमणी महाराज, संत रमेश भाई ओझा ने उनके इस प्रयासों की प्रशंसा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed