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टिहरी बांध का जलस्तर बना परेशानी का सबब
गंभीरपाल परमार
Updated Mon, 05 Aug 2013 08:07 AM IST
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टिहरी बांध की झील का बढ़ता हुआ पानी परेशानी का सबब बन गया है। जलागम क्षेत्रों में बारिश से झील का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। ज्यादा पानी छोड़ते हैं तो ऋषिकेश और हरिद्वार आदि क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है और नहीं छोड़ेंगे तो चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगेंगे।
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झील में पानी बढ़ रहा पानी
भले ही बांध प्रशासन टिहरी बांध के स्पिल-वे से अतिरिक्त पानी छोड़ रहा है, लेकिन बारिश के साथ झील में पानी बढ़ता जा रहा है। ऋषिकेश, हरिद्वार क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को देखते हुए बांध से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा जा रहा है लेकिन इसका खामियाजा चिन्यालीसौड़ की जनता को भुगतना पड़ सकता है। दो दिन पहले ही प्रशासन ने सड़क बहाल होने तक देवीसौड़ पुल न डुबोने का आश्वासन दिया था।
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टिहरी बांध झील का जलस्तर 815 आरएल पहुंचने के साथ दिचली गमरी क्षेत्र को जोड़ने वाले देवीसौड़ पुल के मध्य हिस्से में करीब एक फुट पानी चढ़ गया। जिससे क्षेत्र के 43 गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। झील 825 आरएल तक पहुंचने पर स्थिति और भयावह होने की आशंका है। तटवर्ती क्षेत्रों में भूस्खलन से झील किनारे बसे छोटी नागणी, हिटारा, नगर पंचायत का हास्पिटल मोहल्ला, जोगथ रोड, सुनारगांव, हडियाड़ी, बधाणगांव, मुंडरासेरा, बल्डोगी, भल्डगांव आदि गांवों पर खतरा बढ़ जाएगा।
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अभी से गांवों के निचले हिस्सों में भूस्खलन होने लगा हैं। झील का जलस्तर 825 आरएल पहुंचने पर तो स्थिति हाथ से निकल जाएगी। बांध प्रशासन को शीघ्र सर्वे कराकर सुरक्षा अथवा पुनर्वास के इंतजाम करने चाहिए।
- महावीर, कृपाल सिंह, राजेंद्र चंद, श्रीचंद बांध प्रभावित
जलागम क्षेत्र में बारिश के चलते झील का जलस्तर बढ़ रहा है। फिलहाल झील में करीब 600 क्यूमेक्स पानी आ रहा है तथा टरबाइन व स्पिल-वे से 700 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। झील के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
- नितेश झा, पुनर्वास निदेशक टिहरी
कैसे चलेंगी बस व मोटरबोट सेवा
यूं तो टिहरी बांध प्रशासन देवीसौड़ पुल डूबने पर अलग-थलग पड़ने वाले दिचली, गमरी क्षेत्र के लिए दो मोटर बोट तथा दो बसों की निशुल्क सेवा मुहैया कराता है। लेकिन इस बार धरासू पावर हाउस के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से बस सेवा चलने के आसार नहीं हैं तथा झील में जमा भारी कचरा मोटर बोट संचालन में आड़े आ रहा है। ऐसे में क्षेत्र की जनता की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
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