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शिक्षकों और ग्रामीणों ने स्कूल बचाने के लिए कसी कमर
ब्यूरो / अमर उजाला, ऊखीमठ
Updated Thu, 07 Apr 2016 02:51 PM IST
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ऊखीमठ में तहसील मुख्यालय से दो किमी दूर ग्राम पंचायत पठाली के ग्रामीणों ने गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के अस्तित्व को बचाने के लिए कमर कसी है।
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ग्रामीणों ने नए शिक्षा सत्र में अपने पाल्यों का प्रवेश स्कूल में करना शुरू कर दिया है। तीन दिन में यहां कक्षा 1 से 5 तक 25 नए छात्र-छात्राएं पंजीकृत हुए हैं। इससे यहां छात्र संख्या बढ़कर 35 हो गई है। 1968 में स्थापित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पठाली में एक दशक से छात्र संख्या में हर वर्ष गिरावट दर्ज की जा रही थी।
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बीते सत्र में यहां केवल 12 छात्र ही थे। नए शिक्षण सत्र के पहले दिन यह संख्या भी घटकर 10 पर पहुंच गई थी। प्रधानाध्यापक रामलाल भारती व नीता रावत ने विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ बैठक कर विद्यालय के अस्तित्व को बचाने के लिए चर्चा की। सभी ग्रामीणों से अपने पाल्यों को इस स्कूल में पढ़ाने का आह्वान किया गया।
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नतीजन बुधवार तक प्रवेश संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई है। अभिभावक एमएस नेगी ने बताया कि सभी ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि अब वे अपने पाल्यों का प्रवेश अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में करेंगे।
स्कूलों में मनाया गया प्रवेश उत्सव
शिक्षण सत्र 2016-17 के तहत बुधवार को जिले में सरकारी स्कूलों में प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रवेश उत्सव दिवस मनाया गया। इस मौके पर संकुल अगस्त्यमुनि में 11 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में 35 और कक्षा 6 में 29 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिए।
यहां सड़क किनारे टेंटों में निवास करने वाले घुमंतू चार बच्चों का प्रवेश बेसिक स्कूल बेडूबगड़ में किया गया। जिला शिक्षाधिकारी बेसिक डा. विद्याशंकर चर्तुवेदी ने बताया कि नए सत्र के पहले पांच दिनों में जिले में कक्षा 1 में 1642 और कक्षा 6 में 1706 छात्र-छात्राओं का प्रवेश हो चुका है।