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गन्ने पर गरजे किसान, मिलों को नहीं मिलेगा गन्ना
अमर उजाला, रुड़की/लक्सर/मंगलौर
Updated Fri, 06 Dec 2013 12:02 PM IST
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उत्तराखंड सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य पर गन्ना किसान गुस्से में हैं। किसानों ने गुरुवार को दो टूक ऐलान कर दिया कि वे घोषित मूल्य पर मिलों को कतई गन्ना नहीं देंगे।
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मंगलौर में हाईवे जाम कर दिया
सड़क पर उतरे किसानों ने मंगलौर में हाईवे जाम कर दिया। लक्सर में तालाबंदी कर गन्ना समिति के विशेष सचिव को कई घंटे बंधक बनाए रखा। जबकि रुड़की एसडीएम कार्यालय पर वे बेमियादी धरने पर बैठ गए।
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किसानों ने गन्ने की होली जलाकर भी विरोध जताया। गन्ना मूल्य के मुद्दे पर उत्तराखंड के किसानों ने भी यूपी के किसानों के सुर में सुर मिलाना शुरू कर दिया है।
गुरुवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुजफ्फरनगर जिले के फलौदा में जाम के बाद उत्तराखंड के किसानों ने मंगलौर मंडी के पास जाम लगाकर देवबंद की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया।
नाराज किसानों ने दोपहर करीब एक बजे मंगलौर गुड़मंडी के सामने करीब आधा घंटा जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भाकियू ने 350 रुपये से कम मूल्य पर गन्ना न देने का ऐलान किया।
किसान गन्ने का भुगतान एक मुश्त लेंगे
भाकियू नेता रवि कुमार और संजय चौधरी ने कहा कि हरियाणा में भी कांग्रेस की सरकार है।
वहां किसानों को 305 रुपए का भाव मिल रहा है तो उत्तराखंड में यह भाव क्यों नहीं दिया जा रहा है। आधा घंटा जाम लगाने के बाद भाकियू नेताओं ने जनहित का हवाला देते हुए जाम खोल दिया।
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इस दौरान महेंद्र सिंह, विजय शास्त्री, वीरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, रोहित, जावेद, इकबाल आदि मौजूद थे। उधर, लक्सर में गुस्साए किसानों ने गन्ना विकास समिति के कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
किसानों ने समिति कार्यालय में विशेष सचिव प्रीतम सिंह के कमरे में ताला लगाकर उन्हें बंधक बना लिया। किसान नेता जयपाल सिंह ने कहा कि किसान गन्ने का भुगतान एक मुश्त लेंगे।
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बाद में किसानों ने एसडीएम उत्तम सिंह चौहान को ज्ञापन देने के बाद उन्हें रिहा किया। ज्ञापन देने वालों में चंद्रशेखर, जगमेर सिंह, चंद्रपाल, कुशलपाल, चरण सिंह, महिपाल और श्यामपाल समेत अन्य लोग थे।