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चालू पेराई सत्र में चीनी उत्पादन को लगा झटका
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:46 PM IST
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चीनी
- फोटो : demo
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बेहतर चीनी उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठी सरकार और चीनी उद्योग को गहरा झटका लगा है। चालू पेराई सत्र में गत वर्ष की तुलना में तीन लाख कुंतल कम चीनी का उत्पादन हुआ है।
हालांकि गन्ना विभाग के आला अफसरों का दावा है कि चालू पेराई सत्र में पिछले साल की तुलना में रिकवरी बहुत अच्छी रही, लेकिन किसानों द्वारा गन्ना कम बोए जाने की वजह से चीनी उत्पादन घटा है।
गन्ना विभाग के अपर सचिव पीएस रावत के मुताबिक चालू पेराई सत्र में सरकारी क्षेत्र की पांच चीनी मिलों में साढ़े 12 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ है। जबकि पिछले साल 15.68 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ था।
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ऐसे में इस बार 3.68 लाख कुंतल कम चीनी उत्पादन हुआ है। सुकून देने वाली बात यह रही कि मौसम में आए बदलाव, पेराई सत्र के दौरान बारिश और कोहरा नहीं पड़ने की वजह से रिकवरी बहुत अच्छी रही।
वरना चीनी उत्पादन और कम हो जाता। गन्ना विकास विभाग के अनुसार नादेही चीनी मिल की रिकवरी 10.10 फीसदी, बाजपुर 10 फीसदी और डोईवाला चीनी मिल की रिकवरी 9.28 फीसदी रही।
बीज बदलाव की योजनाओं का दिखा असर
गन्ना विभाग के अफसरों की मानें तो क्षेत्रफल कम होने के बावजूद उस अनुपात में चीनी उत्पादन कम नहीं हुआ है, जितना होना चाहिए था। इसकी मुख्य वजह बीज बदलाव कार्यक्रम है।
अपर सचिव के मुताबिक किसानों द्वारा प्राय: बोई जाने वाली प्रजातियों 767 और 1148 जैसी प्रजातियों की जगह किसानों ने 238 और 88230 जैसी प्रजातियों को बोया, जिसका असर उत्पादन पर भी दिखा है।
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हालांकि गन्ना विभाग के आला अफसरों का दावा है कि चालू पेराई सत्र में पिछले साल की तुलना में रिकवरी बहुत अच्छी रही, लेकिन किसानों द्वारा गन्ना कम बोए जाने की वजह से चीनी उत्पादन घटा है।
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गन्ना विभाग के अपर सचिव पीएस रावत के मुताबिक चालू पेराई सत्र में सरकारी क्षेत्र की पांच चीनी मिलों में साढ़े 12 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ है। जबकि पिछले साल 15.68 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ था।
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ऐसे में इस बार 3.68 लाख कुंतल कम चीनी उत्पादन हुआ है। सुकून देने वाली बात यह रही कि मौसम में आए बदलाव, पेराई सत्र के दौरान बारिश और कोहरा नहीं पड़ने की वजह से रिकवरी बहुत अच्छी रही।
वरना चीनी उत्पादन और कम हो जाता। गन्ना विकास विभाग के अनुसार नादेही चीनी मिल की रिकवरी 10.10 फीसदी, बाजपुर 10 फीसदी और डोईवाला चीनी मिल की रिकवरी 9.28 फीसदी रही।
बीज बदलाव की योजनाओं का दिखा असर
गन्ना विभाग के अफसरों की मानें तो क्षेत्रफल कम होने के बावजूद उस अनुपात में चीनी उत्पादन कम नहीं हुआ है, जितना होना चाहिए था। इसकी मुख्य वजह बीज बदलाव कार्यक्रम है।
अपर सचिव के मुताबिक किसानों द्वारा प्राय: बोई जाने वाली प्रजातियों 767 और 1148 जैसी प्रजातियों की जगह किसानों ने 238 और 88230 जैसी प्रजातियों को बोया, जिसका असर उत्पादन पर भी दिखा है।