देश प्रेम नहीं, तो देश से बाहर चले जाएं: श्रीश्री रविशंकर
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आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि जिन लोगों को भारत में रहकर भी यहां की माटी और संस्कृति से प्रेम नहीं है, उन्हें यहां रहने का अधिकार नहीं है।
ऐसे लोगों को देश छोड़कर चले जाना चाहिए। श्री श्री ने दिल्ली में यमुना किनारे आयोजित बहुचर्चित संस्कृति महोत्सव प्रकरण में सफाई को लेकर उठे सवालों को गलत करार दिया। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर बीते दो अप्रैल से तीर्थनगरी ऋषिकेश में हैं।
बुधवार को मुनिकीरेती के शीशमझाड़ी स्थित आर्ट आफ लिविंग आश्रम में पत्रकारों से मुखातिब श्रीश्री ने कहा कि भारत में रहकर देश के प्रति बुरी सोच रखना अच्छी बात नहीं है। ऐसे लोगों को अपनी बुद्धि और विचारों को ठीक करने की जरूरत है।
अनर्गल बातें करने वालों की मानसिकता ठीक नहीं
श्रीश्री ने कहा कि देश में प्रेम और सद्भावना के वातावरण को बिगाड़ने के लिए अनर्गल बातें करने वालों की मानसिकता को ठीक नहीं कहा जा सकता।
दिल्ली में संस्कृति महोत्सव में स्वच्छता को लेकर एनजीटी की ओर से जारी नोटिस पर श्री श्री ने कहा कि हमारे पास कार्यक्रम को लेकर 20 अप्रैल तक की अनुमति है। इसके बाद वस्तु स्थिति की समीक्षा की जा जाएगी। इस मामले में कुछ लोग गलत माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस दौरान आध्यात्मिक गुरु ने केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर कार्य कर रही है। उनका मानना है कि बदलाव में समय जरूर लगता है, लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं कि वर्तमान में विश्व में भारत के प्रति माहौल बना है। इसे उन्होंने मोदी के अथक प्रयासों का नतीजा करार दिया।