भाजपा के निशाने पर स्पीकर गोविंद कुंजवाल
- संवैधानिक मशीनरी ध्वस्त होने का लगाया आरोप।
- मुख्यमंत्री बगावत के लिए जिम्मेदार।
- कहा, सीएम के एजेंडे पर काम कर रहे स्पीकर।
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पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और निवर्तमान कृषि मंत्री हरक सिंह रावत की अगुवाई में हुई बगावत को भाजपा ने कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया है। भाजपा के निशाने पर अब विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि सत्ताधारी दल के अंदर बगावत रोकना विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने विनियोग बिल को अल्पमत पर पारित कर दिया है। यह असंवैधानिक तरीका है। भाजपा इसका विरोध कर रही है। संवैधानिक मशीनरी ध्वस्त हो गई है, इसलिए राज्यपाल से सरकार बर्खास्त करने की मांग की गई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश में राजनीतिक संकट के लिए विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को अहम किरदार बताया। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में चौहान ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री बगावत के लिए जिम्मेदार हैं। उनका अहंकार और दूसरों को मूर्ख समझने की प्रवृत्ति से यह स्थिति पैदा हुई है।
'मुख्यमंत्री के एजेंडे पर काम कर रहे स्पीकर'
सदन के किसी भी सदस्य को वोट देने से वंचित नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जो आवाज उठाएगा भाजपा उसे समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया जा चुका है, अब उन्हें सदन की अध्यक्षता करने का हक नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुंजवाल मुख्यमंत्री रावत के राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इसका उदाहरण भीमलाल आर्य हैं। आर्य भाजपा से निलंबित हैं, निष्कासित नहीं हैं। आर्य को मंत्री स्तर का पद दिया गया है और इस वक्त उन्हें बाहर घूमने नहीं दिया जा रहा है।
चौहान ने बताया कि ‘क्राइसिस’ सिर्फ कांग्रेस में ही नहीं, उसके अन्य सहयोगी दलों में भी है। पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को पुतला दहन नहीं करने दे रही है।