उत्तराखंडः पत्थरों में से निकली चांदी, सब चौंके
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पिथौरागढ़ जिले में मकान बनाने के लिए पत्थर निकासी के लिए की गई खुदाई के दौरान इस तहसील के काकड़पानी गांव में चांदी जैसी धातु निकली है। खुदाई में धातु सरीखे पत्थर निकलने से लोगों में कौतुहल है। इन पत्थरों को जांच के लिए तहसील प्रशासन को सौंप दिया गया है।
गणाईगंगोली से 22 किमी दूरी पर स्थित काकड़पानी गांव निवासी मोती राम पांडे मकान बनाने के लिए रविवार को गांव में ही पत्थरों की निकासी कर रहे थे। खुदान के दौरान सफेद रंग के चमकीले पत्थर निकलने लगे। चमकीले धातु सरीखे पत्थर निकलने से मजदूरों के साथ ही ग्रामीण अचंभित हो उठे। देखते ही देखते पत्थरों को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया।
पत्थरों में चांदी जैसी कोई धातु होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के संकुल समन्वयक हरीश कोठारी, शिक्षक नरेंद्र बनकोटी ने इन पत्थरों को जांच के लिए तहसील प्रशासन को सौंपा है। काकड़पानी जाने के देवराड़ीपंत तक 18 किमी वाहन से और देवराड़ीपंत से 4 किमी पैदल चलना पड़ता है।
अपने पहाड़ में है धातुओं की प्रचुरता
पहाड़ में धातुओं की प्रचुरता है। यह बात पहले भी साबित हो चुकी है। पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट में सोना, चांदी आदि धातु होने की पुष्टि हो गई है। गंगोलीहाट में तांबा धातु होने की पुष्टि ज्योलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की सर्वे में हो चुकी है।
कई साल तक गंगोलीहाट में सर्वेक्षण का काम चला। काकड़पानी के पत्थरों में कौन सी धातु है, यह तो शोध के बाद ही पता चलेगा। इतना तो तय है कि अपने पहाड़ में धातुओं की पहचान के बाद उद्योग स्थापित करने की दिशा में काम किया जाए तो यह राज्य और यहां के लोगों को तरक्की का रास्ता दिखाएगा।
काकड़पानी में निकले चमकीले पत्थर उन्हें मिले हैं। धातुनुमा इन पत्थरों को जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा जा रहा है। धातु होने की पुष्टि होती है तो इसके उपयोग के लिए डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजा जाएगा।
- हरीश चंद्र आर्य, तहसीलदार गणाईगंगोली