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अमेरिकाः हर गली में नहीं घूमती 'सरदार जी' की टैक्सी

Wed, 25 Sep 2013 12:17 AM IST
ओमप्रकाश तिवाड़ी/अमर उजाला, देहरादून
ओमप्रकाश तिवाड़ी/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 25 Sep 2013 12:17 AM IST
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Sikhs do not travel every street in the U.S.

अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रभजोत सिंह पर न्यूयार्क में हुए हमले की खबर पढ़कर इन दिनों कैलिफोर्निया से दून अपने घर आए सरदार अजित सिंह थोड़ा चिंतित हो गए।

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मंगलवार को अमर उजाला को उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद से कुछ अमेरिकियों का नजरिया सिखों के प्रति संकीर्ण हो गया है।
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आंतकी समझ करते हैं हमला
सिखों की वेश-भूषा के कारण वह उन्हें मुसलमान समझते हैं। यही वजह है कि कभी ओसामा कह कर तो कभी आतंकी कह कर सिखों पर हमला कर देते हैं।

हालांकि, ऐसा करने वाले अधिकतर नशेड़ी और कट्टरपंथी होते हैं। इन लोगों ने विभिन्न नामों से गिरोह भी बना रखा है। सिख समुदाय के लोग कट्टरपंथियों के इलाके में जाने से बचते हैं।
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समझते हैं कि वे मुसलमान हैं
वर्ष 1998 से कैलिफोर्निया के एक गुरुद्वारे में बतौर प्रीस्ट (रागी) कार्य करने वाले अजित सिंह बताते हैं कि अमेरिका में सिख सुरक्षित हैं। वहां की सरकार काफी सहयोग करती है।

पुलिस भी ऐसे तत्वों पर सख्ती बरतती है। लेकिन कभी-कभी ऐसे लोगों को मौका मिल जाता है तो हमला कर देते हैं। सिखों की खुली दाड़ी और पग देखकर समझते हैं कि वे मुसलमान हैं।

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हालांकि इस गलतफहमी को दूर करने के लिए सिखों के संगठनों ने डाक्युमेंट्री फिल्में बनाकर पुलिस को दी हैं। जिसमें बताया गया है कि वह मुसलमान नहीं हैं। उनका धर्म अलग है। उनका किसी आतंकी गतिविधियों से लेना देना नहीं है।

एक क्षेत्र में रहते हैं सिख समुदाय के लोग
अमेरिका में सिख समुदय के लोग किसी खास इलाके में ही रहते हैं। इस वजह से ऐसे तत्वों से बचे रहते हैं, जो गलतफहमी में हमले करते हैं। सिख ऐसी जगहों पर जाने से बचते हैं जहां पर कट्टरपंथी और नशेड़ी रहते हैं।


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सिखों की कोशिश होती है कि जिस क्षेत्र में उनकी संख्या अधिक है वहीं पर काम भी करें। चूंकि जरूरत की चीजें एक ही क्षेत्र में मिल जाती हैं इसलिए हर रोज इस तरह की परेशानी सामने नहीं आती।

कट्टरपंथी स्टोरों पर करते हैं हमला
अमेरिका में कई स्टोर सातों दिन और 24 घंटे खुले रहते हैं। ऐेसे स्टोरों में सिख समुदाय के लोग अधिक काम करते हैं। इस वजह से कट्टरपंथी ऐसे स्टोरों पर अक्सर हमला करते हैं। हालांकि इनकी सुरक्षा में पुलिस तैनात रहती है लेकिन जरा सी चूक होते हैं कभी कभार दुखद घटनाएं हो जाती हैं।

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टैक्सी चालक और आइसक्रीम बेचने वालों को दिक्कत
अमेरिका में टैक्सी चलाने वाले और आइसक्रीम बेचने वाले सिखों को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है। कई बार टैक्सी में बैठने वाली सवारियां कटाक्ष करती हैं। कई अमेरिकी ऐसी टैक्सी में यात्रा नहीं करते, जिसका चालक सिख होता है। टैक्सी चलाने वाले भी उन इलाकों में नहीं जाते जहां पर कट्टरपंथी रहते हैं। आइसक्रीम बेचने वाले भी ऐसे इलाकों में जाने से बचते हैं।

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