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गुम चिड़िया ढूंढो, एक लाख का इनाम जीतो

Thu, 03 Oct 2013 08:36 AM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी
अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Thu, 03 Oct 2013 08:36 AM IST
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search missing bird and win a prize of one million

वन विभाग ने हिमालयन क्वैल तलाश का अभियान शुरू कर दिया है। टीमों के साथ ही जंगलात ने दूसरे लोगों के लिए भी इनाम की पेशकश की है। इस चिड़िया को तलाशने और साक्ष्य देने पर एक लाख का इनाम मिलेगा।

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भारत में सालों से चेन्नई के पास मिलने वाली जार्डन क्रसर, मुंबई की फारेस्ट आउलेट और उत्तराखंड (नैनीताल) की हिमालयन क्वैल की तलाश में पक्षी विशेषज्ञ जंगलों और दूसरी जगहों की खाक छानते रहे हैं।
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1876 में आखिरी बार नैनीताल में दिखी थी यह चिड़िया
इसमें चेन्नई के पास जार्डन क्रसर करीब 100 साल और फारेस्ट आउलेट 68 बाद दोबारा मिल गई पर 137 साल से हिमालयन क्वैल नहीं देखी गई है। आखिरी बार यह नैनीताल में शेर का डांडा के पास 1876 में देखी गई थी।
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अब जंगलात ने हिमालयन क्वैल की तलाश वृहद स्तर पर शुरू की है। इसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय, यूपी के करतनिया घाट के पक्षी विशेषज्ञ, जंगलात के अफसर, कर्मी और वालांटियर शामिल किए गए हैं।

हिमालयन क्वैल की तलाश में भेजे गए 250 विशेषज्ञ
पहले चरण में 250 लोगों की सात टीमों को बनाकर महेश खान, शेर का डांडा, कुंजाखेड़, पंगूट, विनायक आदि जगहों पर भेजा गया है। नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि हिमालयन क्वैल की तलाश 6000 से 7000 फीट की ऊंचाई वाले इलाके में शुरू की गई है।

यह स्थान पक्षियों से भरपूर रहे हैं। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह कहते हैं कि इसके अलावा हमने दूसरे लोगों से भी मदद मांगी जा रही है। हिमालयन क्वैल को तलाशने वाले को एक लाख का इनाम दिया जाएगा। इसके लिए साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे। उम्मीद है कि हम अभियान में सफल होंगे।


अपर सचिव वन ने देखा
जिस चिड़िया की तलाश हो रही है, उसको अपर सचिव वन मनोज चंद्रन ने देखा था। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह कहते हैं कि जब चंद्रन पिथौरागढ़ के वर्किंग प्लान अफसर थे, तब उन्होंने पिथौरागढ़ क्षेत्र में चिड़िया देखने की बात कही थी, लेकिन उसका कोई साक्ष्य, फोटो, फिल्म आदि एकत्र नहीं कर पाए थे। ऐसे में अब भी चिड़िया को लुप्त ही माना जा रहा है।

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