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सरकारी राशन बाजारी का काला ‘खेल’ सलाखों के पीछे जाएंगे कई लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 13 Mar 2016 09:14 AM IST
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राशन घोटाला
- फोटो : file photo
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ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सरकारी राशन गोदाम से कालाबाजारी का खेल चल रहा है। इसमें कोई और नहीं बल्कि वहां के कर्मचारी और कुछ दलाल शामिल हैं।
जो आसानी से भोले भाले राशन डीलरों को अपने जाल में फंसाकर कालाबाजारी का खेल खेलते हैं। यह दलाल माह की शुरूआत से ही गोदाम परिसर में सक्रिय हो जाते हैं।
मुकेश गुप्ता तक राशन पहुंचाने के मामले में भी गोदाम के ही एक कर्मचारी और एक दलाल की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे मुकेश गुप्ता सहित कुछ अन्य दलालों की तलाश में जुटी है।
लोडर में ले जाए जार रहे 36 कट्टे राशन के बरामद:
बता दें कि क्लेमेंटटाउन थाने की पुलिस ने बुधवार की शाम चंद्रवनी चौक के पास से दो लोगों को एक लोडर सहित पकड़ा था। लोडर में अवैध रूप से ले जाया जा रहा 36 कट्टे सरकारी राशन बरामद हुआ था।
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पुलिस के सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया था कि यह राशन कालाबाजारी के लिए मुकेश गुप्ता के यहां ले जाया जा रहा था।
गोदाम से यह राशन डीलर पुष्पा थापा निवासी जोहड़ी के नाम से आवंटित हुआ था। विभाग ने डीलर का लाइसेंस रद कर दिया। उधर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लोडर चालक कुशल पाल और उसके साथी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मामले का मास्टर माइंड बताया जा रहा मुकेश गुप्ता अभी फरार चल रहा है।
थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि मुकेश गुप्ता सहित कुछ और लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गुप्ता को गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में गोदाम के एक कर्मचारी और एक ट्रांसपोर्टर की अहम भूमिका है। इन्होंने ही गोदाम से पर्ची लीक कराई थी। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी मामले की जांच में जुटी है।
आखिर किसके संरक्षण में है गुप्ता:
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि यह राशन मुकेश गुप्ता के यहां जा रहा था। इसके बावजूद पुलिस अभी तक मुकेश को गिरफ्तार तो दूर उससे पूछताछ की भी हिम्मत नहीं जुटा सकी है।
इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग भी लापरवाही कम नहीं है। गुप्ता पर सरकारी राशन कालाबाजारी का आरोप लगा है फिर भी उसके गोदाम पर एक बार भी छापेमारी नहीं हुई।
यदि गुप्ता के गोदाम में छापा मारकर विभाग की टीम तहकीकात करे तो कालाबाजारी के कई और राज से पर्दा उठ सकता है। सूत्रों की मानें तो गुप्ता एक मंत्री के संरक्षण में है, जिस कारण पुलिस उसे गिरफ्तार करने से कतरा रही है।
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जो आसानी से भोले भाले राशन डीलरों को अपने जाल में फंसाकर कालाबाजारी का खेल खेलते हैं। यह दलाल माह की शुरूआत से ही गोदाम परिसर में सक्रिय हो जाते हैं।
मुकेश गुप्ता तक राशन पहुंचाने के मामले में भी गोदाम के ही एक कर्मचारी और एक दलाल की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे मुकेश गुप्ता सहित कुछ अन्य दलालों की तलाश में जुटी है।
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लोडर में ले जाए जार रहे 36 कट्टे राशन के बरामद:
बता दें कि क्लेमेंटटाउन थाने की पुलिस ने बुधवार की शाम चंद्रवनी चौक के पास से दो लोगों को एक लोडर सहित पकड़ा था। लोडर में अवैध रूप से ले जाया जा रहा 36 कट्टे सरकारी राशन बरामद हुआ था।
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पुलिस के सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया था कि यह राशन कालाबाजारी के लिए मुकेश गुप्ता के यहां ले जाया जा रहा था।
गोदाम से यह राशन डीलर पुष्पा थापा निवासी जोहड़ी के नाम से आवंटित हुआ था। विभाग ने डीलर का लाइसेंस रद कर दिया। उधर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लोडर चालक कुशल पाल और उसके साथी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मामले का मास्टर माइंड बताया जा रहा मुकेश गुप्ता अभी फरार चल रहा है।
थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने बताया कि मुकेश गुप्ता सहित कुछ और लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गुप्ता को गिरफ्तार किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में गोदाम के एक कर्मचारी और एक ट्रांसपोर्टर की अहम भूमिका है। इन्होंने ही गोदाम से पर्ची लीक कराई थी। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी मामले की जांच में जुटी है।
आखिर किसके संरक्षण में है गुप्ता:
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि यह राशन मुकेश गुप्ता के यहां जा रहा था। इसके बावजूद पुलिस अभी तक मुकेश को गिरफ्तार तो दूर उससे पूछताछ की भी हिम्मत नहीं जुटा सकी है।
इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग भी लापरवाही कम नहीं है। गुप्ता पर सरकारी राशन कालाबाजारी का आरोप लगा है फिर भी उसके गोदाम पर एक बार भी छापेमारी नहीं हुई।
यदि गुप्ता के गोदाम में छापा मारकर विभाग की टीम तहकीकात करे तो कालाबाजारी के कई और राज से पर्दा उठ सकता है। सूत्रों की मानें तो गुप्ता एक मंत्री के संरक्षण में है, जिस कारण पुलिस उसे गिरफ्तार करने से कतरा रही है।