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सभा सचिवों की कुर्सी होगी बहाल, सीएम ने दी मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 19 May 2016 01:45 AM IST
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हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
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सीएम हरीश रावत ने मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सभा सचिवों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। राष्ट्रपति शासन से पहले जिन विधायकों को सभा सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, उनमें से उमेश शर्मा काऊ और शैलारानी रावत को बाहर किया गया है। 10 सभा सचिवों की नियुक्ति से संबंधित आदेश गुरुवार को जारी हो सकते हैं।
फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की जताई जा रही संभावनाओं पर फिलहाल विराम लगा हुआ है। सीएम हरीश रावत ने सबसे पहले सभा सचिव पद पर नियुक्ति संबंधित आदेश मुख्य सचिव को दिए हैं।
इनकी होगी दोबारा होगी नियुक्ति
विधायक गणेश गोदियाल, फुरकान अहमद, विजयपाल सजवाण, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, डॉ. जीतरात, मदन सिंह बिष्ट, राजकुमार, विक्रम सिंह नेगी और सरिता आर्य की दोबारा नियुक्ति होगी, जिसकी प्रक्रिया गोपन में चल रही है।
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जिन विभागों की जिम्मेदारी सभा सचिवों के पास थी वह यथावत रहेगी। कांग्रेस से बागी हुए 10 विधायकों में से दो शैलारानी रावत और उमेश शर्मा काऊ भी सभा सचिव थे, जिनकी सदस्यता समाप्त होने के बाद किसी अन्य विधायक को फिलहाल सीएम ने एडजस्ट नहीं किया है।
मंत्रिमंडल में दो की जगह
सीएम हरीश रावत के मंत्रिमंडल में दो पद खाली हैं। एक पद बसपा विधायक सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद से रिक्त है, जबकि दूसरा पद विधायक हरक सिंह की विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदस्यता समाप्त करने से खाली है। सभा सचिवों की नियुक्ति के बाद यह साफ हो गया है कि मंत्री पद की दौड़ में यह दस विधायक नहीं हैं।
अब 10 कांग्रेस विधायकों, एक भाजपा के बागी विधायक भीम लाल के अलावा बसपा के हरिदास और दो विधायक हरिदास और सरबत करीम अंसारी ही बचे हैं। बसपा फिलहाल बाहर से समर्थन देने की बात कह रही हैं, जिससे दो कांग्रेस विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अधिक संभावना है।
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फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की जताई जा रही संभावनाओं पर फिलहाल विराम लगा हुआ है। सीएम हरीश रावत ने सबसे पहले सभा सचिव पद पर नियुक्ति संबंधित आदेश मुख्य सचिव को दिए हैं।
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इनकी होगी दोबारा होगी नियुक्ति
विधायक गणेश गोदियाल, फुरकान अहमद, विजयपाल सजवाण, मनोज तिवारी, हेमेश खर्कवाल, डॉ. जीतरात, मदन सिंह बिष्ट, राजकुमार, विक्रम सिंह नेगी और सरिता आर्य की दोबारा नियुक्ति होगी, जिसकी प्रक्रिया गोपन में चल रही है।
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जिन विभागों की जिम्मेदारी सभा सचिवों के पास थी वह यथावत रहेगी। कांग्रेस से बागी हुए 10 विधायकों में से दो शैलारानी रावत और उमेश शर्मा काऊ भी सभा सचिव थे, जिनकी सदस्यता समाप्त होने के बाद किसी अन्य विधायक को फिलहाल सीएम ने एडजस्ट नहीं किया है।
मंत्रिमंडल में दो की जगह
सीएम हरीश रावत के मंत्रिमंडल में दो पद खाली हैं। एक पद बसपा विधायक सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद से रिक्त है, जबकि दूसरा पद विधायक हरक सिंह की विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदस्यता समाप्त करने से खाली है। सभा सचिवों की नियुक्ति के बाद यह साफ हो गया है कि मंत्री पद की दौड़ में यह दस विधायक नहीं हैं।
अब 10 कांग्रेस विधायकों, एक भाजपा के बागी विधायक भीम लाल के अलावा बसपा के हरिदास और दो विधायक हरिदास और सरबत करीम अंसारी ही बचे हैं। बसपा फिलहाल बाहर से समर्थन देने की बात कह रही हैं, जिससे दो कांग्रेस विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अधिक संभावना है।