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मोटर मार्ग न बनने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उझाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 05 Dec 2016 06:34 PM IST
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मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए विजराकोट के ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala.
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मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर विजराकोट के ग्रामीणों ने जुलूस-प्रदर्शन के साथ कलेक्ट्रेट में धरना दिया। ग्रामीणों ने मार्ग निर्माण को लेकर 15 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में विरोध प्रदर्शन बढ़ाया जाएगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। ग्राम प्रधान जयपाल सिंह राणा के नेतृत्व में बड़े-बुजुर्ग और महिलाएं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं का कहना था कि राज्य बनने के बाद से गांव के सड़क से जुड़ने की उम्मीद जगी थी।
8 वर्ष पूर्व सारी-विजराकोट मोटर मार्ग स्वीकृत भी हुआ। लोक निर्माण विभाग द्वारा निमार्ण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई, लेकिन निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया। पिछले 7 सालों से मार्ग निर्माण की मांग हो रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी वनाधिनियम के कारण मामला शासन में लटका होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द मार्ग निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं होती तो अगला कोई भी कदम उठा सकते हैं।
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ग्राम प्रधान ने कहा कि सड़क के अभाव में ग्रामीण आज भी मीलों पैदल नाप रहे हैं, जबकि अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ कोरे आश्वासन दे रहे हैं। उक्रांद के जिलाध्यक्ष देवेंद्र चमोली ने कहा कि सड़क के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में मार्ग स्वीकृति का प्रयास किया था। कहा कि जिले में भाजपा शासन में स्वीकृत 40 से अधिक मोटर मार्ग प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण लटके हुए हैं।
मौके पर पहुंचे डीएफओ राजीव धीमान ने ग्रामीणों ने कहा कि उनके स्तर से सड़क की फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी तीरथपाल सिंह ने भी ग्रामीणों से वार्ता की, जिस पर उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त किया।
प्रदर्शन व धरने में क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता देवी, पूर्व प्रधान नरेश बिष्ट, बृजमोहन पंवार, जय सिंह कठैत, वाईएस पंवार और संगीता देवी भी मौजूद रहे।
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इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया। ग्राम प्रधान जयपाल सिंह राणा के नेतृत्व में बड़े-बुजुर्ग और महिलाएं नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं का कहना था कि राज्य बनने के बाद से गांव के सड़क से जुड़ने की उम्मीद जगी थी।
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8 वर्ष पूर्व सारी-विजराकोट मोटर मार्ग स्वीकृत भी हुआ। लोक निर्माण विभाग द्वारा निमार्ण के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई, लेकिन निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया। पिछले 7 सालों से मार्ग निर्माण की मांग हो रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी वनाधिनियम के कारण मामला शासन में लटका होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द मार्ग निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं होती तो अगला कोई भी कदम उठा सकते हैं।
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ग्राम प्रधान ने कहा कि सड़क के अभाव में ग्रामीण आज भी मीलों पैदल नाप रहे हैं, जबकि अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ कोरे आश्वासन दे रहे हैं। उक्रांद के जिलाध्यक्ष देवेंद्र चमोली ने कहा कि सड़क के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में मार्ग स्वीकृति का प्रयास किया था। कहा कि जिले में भाजपा शासन में स्वीकृत 40 से अधिक मोटर मार्ग प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण लटके हुए हैं।
मौके पर पहुंचे डीएफओ राजीव धीमान ने ग्रामीणों ने कहा कि उनके स्तर से सड़क की फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी तीरथपाल सिंह ने भी ग्रामीणों से वार्ता की, जिस पर उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त किया।
प्रदर्शन व धरने में क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता देवी, पूर्व प्रधान नरेश बिष्ट, बृजमोहन पंवार, जय सिंह कठैत, वाईएस पंवार और संगीता देवी भी मौजूद रहे।