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बर्फ से ढका केदारनाथ धाम

Sun, 13 Mar 2016 10:24 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Sun, 13 Mar 2016 10:24 PM IST
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Snow-covered Kedarnath
केदारनाथ में बर्फबारी - फोटो : amar ujala
केदारनाथ में शनिवार तड़के तीन बजे से शुरू हुई बर्फबारी रुक-रुककर रविवार दोपहर तक जारी रही। इस दौरान धाम में तीन फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है। मंदिर की छत सहित सभी कॉटेज और अन्य भवनों ने सफेद चादर ओढ़ ली है। रुद्रा प्वाइंट से लेकर एमआई-26 हेलीपैड और मंदिर मार्ग बर्फ से ढक चुके हैं।
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बीते वर्ष नवंबर-दिसंबर से लेकर अब तक यह पहला मौका है, जब केदारनाथ में इस तरह भारी बर्फबारी हुई है। मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखलाओं की गोद में बसा केदारनाथ धाम और केदारपुरी में चारों तरफ तीन से साढ़े तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। रविवार को सुबह 11 बजे के बाद मौसम में कुछ सुधार होने पर निम के मजदूरों ने मंदिर मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू किया। दोपहर सवा बारह बजे से पुन: हल्की बर्फ गिरनी शुरू हो गई।
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निम के मीडिया प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि चार माह में पांच बार 12 घंटे या उससे अधिक समय तक लगातार बर्फबारी हुई है। यह पहला मौका है, जब तीन फीट से अधिक बर्फ एक समय में जमा हुई है। लगातार चल रहे खराब मौसम से धाम में पानी की लाइन भी बर्फ में दब गई है। यहां, बर्फ को पिघलाकर पानी की जरूरत पूरी की जा रही है।
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एमआई-17 ने 10 बजे भरी उड़ान
रुद्रप्रयाग। शनिवार को खराब मौसम से केदारनाथ में रुके एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने रविवार सुबह 10 बजे गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी। इससे पहले निम ने हेलीपैड और हेलीकॉप्टर के ऊपर जमा बर्फ को साफ किया।

चोपता-तुंगनाथ में चार से पांच फीट बर्फ
शनिवार रातभर पर्यटक स्थल चोपता सहित तृतीय केदार श्रीतुंगनाथ धाम और द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम में भी चार से पांच फीट तक बर्फ गिर चुकी है। इधर, हरियाली डांडा सहित गौरीकुंड और सोनप्रयाग के ऊपर वन क्षेत्र में भी दो से तीन फीट बर्फबारी हुई है। निचले इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई है। रविवार को रुद्रप्रयाग सहित अन्य स्थानों में दोपहर बाद मौसम साफ रहा।

बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध
जोशीमठ/गोपेश्वर। जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और बर्फबारी रविवार दोपहर बाद थमी। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब डेढ़ फीट और औली में आधा फीट तक बर्फ जम गई है। निचले क्षेत्रों में तेज बारिश होने से फिर ठंड लौट आई है। बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे अवरुद्ध हो गया है। गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ मोटर मार्ग भी धोतीधार से आगे बंद हो गया है। यहां सड़क पर बर्फ जम गई है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक और स्थानीय लोग औली पहुंचे। स्कीईंग के शौकीनों ने औली में दिनभर बर्फ का मजा लिया।

झमाझम बारिश से लौटी ठंड
कर्णप्रयाग/आदिबदरी। शनिवार की रात से रविवार सुबह तक हुई बारिश से ठंड फिर लौट आई है। गैरसैंण, ग्वालदम और देवाल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों और बुग्यालों में जमकर बर्फबारी हुई है जबकि निचले क्षेत्र के गांवों और घाटियों में शीतलहर चल रही है। रविवार अपराह्न बाद मौसम साफ हुआ और धूप खिली। इधर किसान बारिश को धान की बुआई के लिए शुभ मान रहे हैं। आदिबदरी क्षेत्र के रीठा मंगरी के काश्तकार दरवानू लाल का कहना है कि धान और दलहनी फसलों की बुआई के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी।

बारिश के साथ आया तूफान
श्रीनगर। शनिवार रात तेज बारिश के साथ आए तूफान ने लोगों को डरा दिया। हालांकि रविवार को अपराह्न दो बजे धूप के दर्शन हुए। वहीं,  बारिश ने मौसम में ठंडक बढ़ा दी है। लोगों ने स्वेटर और रजाइयां दोबारा से निकाल ली।
क्षेत्र में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन भर रुक-रुककर होती रही।  रात में काफी तेज बारिश हुई। 12 बजे बाद बारिश के साथ तूफान आया। हवा का शोर इतना तेज था कि लोगों की आंखें खुल गई। रविवार को अपराह्न दो बजे तक बारिश होती रही। इसके बाद धूप के दर्शन हुए। वहीं बारिश होने पर घाटी में धुंध भी साफ हो गई है।



यमुनोत्री, गंगोत्री ने ओढ़ी बर्फ की चादर
उत्तरकाशी। जिले में शुक्रवार रात से रविवार दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। यमुनोत्री, गंगोत्री एवं हरकीदून के साथ ही बीफ खरसाली और हर्षिल घाटी में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बर्फबारी के बाद चल रही ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। रविवार दोपहर में जिला मुख्यालय पर तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हर्षिल क्षेत्र में पारा छह से आठ डिग्री के बीच बना हुआ है। बर्फबारी से सेब किसानों के चेहरे खिल गए। हर्षिल के डा. नागेंद्र रावत, सुक्की के मोहन सिंह राणा आदि ने बताया कि इस हिमपात से सेब के पेड़ों की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता पूरी होने में मदद मिलेगी। वहीं बिजली लाइन में फॉल्ट के चलते सुक्की, झाला, जसपुर, पुराली आदि गांवों में शनिवार रात को बिजली गुल रही। रविवार सुबह से गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे वाहनों की आवाजाही ठप हो रही। हालांकि दोपहर बाद बर्फ पिघलने पर यहां वाहन चलने लगे हैं।
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