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यात्राकाल में सिरोहबगड़, नरकोटा, बांसबाड़ा भूस्खलन जोन लेंगे परीक्षा

Wed, 23 Feb 2022 10:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 10:23 PM IST
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Sirohbagad, Narkota, Bansbara landslide zone will take examination during the journey
इस यात्राकाल में भी परीक्षा लेगा बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा भूस्खलन जोन। फाइल फोटो - फोटो : RUDRAPRYAG
इस बार भी यात्राकाल में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर सिरोहबगड़ व नरकोटा और गौरीकुंड हाईवे पर बांसबाड़ा, चंडिका धार सहित अन्य अति संवेदनशील भूस्खलन जोन परेशानी का सबब बने रहेंगे। चारधाम यात्रा शुरू होने में लगभग ढाई माह का समय शेष रह गया है, लेकिन अभी तक हाईवे पर अति संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को लेकर कोई धरातलीय प्रयास शुरू नहीं हो पाए हैं।
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ऑलवेदर रोड परियोजना में निर्माणाधीन बदरीनाथ व गौरीकुंड हाईवे पर भले ही 75 से 85 फीसदी कार्य हो चुका है, लेकिन अब भी भूस्खलन जोन, खतरे का सबब बने हुए हैं। श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच ही बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान मंदिर, चमधार, सिरोहबगड़ और नरकोटा भूस्खलन जोन सबसे अधिक खतरनाक हैं। बीते वर्ष चमधार में पहाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा धंसने से हाईवे छह दिन तक बंद रहा था। वहीं, नरकोटा में भी तीन दिन तक यातायात ठप रहा। उधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर भी बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, सेमी-भैंसारी, नारायणकोटी, चंडिका धार आदि स्थानों पर भूस्खलन जोन हैं, जो हल्की बारिश में सक्रिय हो सकते हैं। बीत आठ महीनों में कार्यदायी संस्था व एनएच ने सिर्फ हाईवे पर यातायात आवागमन कराने में सफलता पाई है। यहां अब भी संवेदनशील स्थानों पर स्थिति भयावह बनी हुई है।
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खांकरा के पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, प्रदीप मलासी, रमेश बेंजवाल, महावीर जगवाण आदि का कहना है कि चारधाम यात्रा को अब ढाई माह से भी कम समय रह गया है, लेकिन अभी तक शासन, प्रशासन और एनएच की तरफ से डेंजर जोन पर सुरक्षा और बरसाती सीजन में निर्विध्न यातायात को लेकर कोई योजना नहीं बन पाई है। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड-लोनिवि श्रीनगर डिवीजन के ईई बलराम मिश्र ने बताया कि पिछले कार्यों का ही ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में नए कार्य शुरू कराना मुश्किल हो रहा है। आला अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। साथ ही मंत्रालय को भी पत्र भेज दिया गया है।
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आधे-अधूरे चौड़ीकरण से जोखिमभरी हुई आवाजाही
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर आधे-अधूरे चौड़ीकरण के कारण कुथनौर खनेड़ा पुल के बीच बड़े वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। यहां तक की जानकीचट्टी क्षेत्र के लिए बस सेवा नहीं जा रही है, जिससे क्षेत्रवासियों को अधिक किराया देकर छोटे वाहनों से आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

यमुनोत्री हाईवे पर पोलगांव से पाली गाड़ तक ऑलवेदर सड़क परियोजना के तहत चौड़ीकरण कार्य चल रहा है, लेकिन कुथनौर से पहले आधी अधूरी पहाड़ कटिंग से बड़े वाहन नुकीली चट्टान से टकराने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के अंतिम गांव खरशाली के प्यारे लाल उनियाल, हलना के पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने बताया है कि अधूरी कटिंग से जानकीचट्टी, हनुमानचट्टी की ओर बस सेवा चट्टान पर टकराने के भय नही संचालित हो रही है, जिससे गीठ ओजरी क्षेत्र की जनता को परेशानी हो रही है। मजबूरन अधिक किराया देकर छोटे वाहनों से आना जाना पड़ रहा है। प्यारे लाल उनियाल, अनिल कुमार ने पहाड़ कटिंग को दुरुस्त कर हाईवे को सुरक्षित आवाजाही लायक किए जाने की मांग की है। इधर, एनएच के एई धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि कार्यदायी एजेंसी को संवेदनशील हिस्से को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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