राजकीय इंटर कॉलेज तैला में तीन दिवसीय सिलगढ़ महोत्सव के आखिरी दिन क्षेत्र के महिला मंगल दल व संस्कृति विभाग के कलाकारों ने थड्या, चौंफला, झूमेलों नृत्य की शानदार प्रस्तुति से समा बांधा। इस मौके पर समिति द्वारा सभी कलाकारों व आयोजन में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
शुक्रवार को महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने कार्यक्रमों का शुभारंभ करते हुए कहा कि मेला-महोत्सव प्राचीन काल से मेल-मिलाप का माध्यम रहे हैं। यह आयोजन जहां, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। वहीं, क्षेत्र की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान भी किया। इस मौके पर थपलियाल ने सिलगढ़ विकास समिति को क्षेत्र पंचायत निधि से कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके उपरांत महिला मंगल दल कंडाली, मुसढुंग, तैला, कुमड़ी आदि द्वारा बालिका शिक्षा, गांवों में बढ़ता शराब का प्रकोप समेत स्वास्थ्य और नारी जीवन पर नाटक का मंचन किया गया। साथ ही चौंफला, थड्या, झूमेलो लोक नृत्य और देवी जागरों की प्रस्तुतियां दी गई। वहीं, संस्कृति विभाग के कलाकारों ने भारत व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ ही पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र पंवार, कनिष्ठ उप प्रमुख कवींद्र सिंधवाल, ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह भंडारी, धनराज बंगारी, विक्रम कंडारी, कपिल राणा, ओपी बहुगुणा, दीपक रावत, वीर सिंह रावत, आलोक नेगी, बीना बिष्ट, महावीर पंवार समेत अन्य गणमान्य मौजूद थे।