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मुकदमा दर्ज न होने पर आक्रोशित भीड़ का थाने में प्रदर्शन
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गदरपुर। ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज न होने पर लोगों ने गदरपुर थाने में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर आए वाहन को भी थाना गेट पर रोक दिया। पुलिस के मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
मंगलवार शाम छह बजे यूपी के मिलकखानम क्षेत्र में खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर ट्रॉली ने एक बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर भाग रहा था, जिसका कुछ युवक बाइक से पीछा कर रहे थे। एक बाइक पर सवार यूपी के ग्राम बुढहानपुर निवासी सोमपाल और राम सिंह बमनपुरी मोड़ पर ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए। मूलरूप से लोकडी मुरादाबाद निवासी सोमपाल की पहिये के नीचे आकर कुचलने से मौत हो गई थी, जबकि रामसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सकैनिया पुलिस ने रात में ही मझराझुन्नी मोड़ से ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक को हिरासत में लेकर थाना गदरपुर भेजा था। घायल राम सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल और सोमपाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भिजवाया था। ट्रैक्टर ट्रॉली को मिलकखानम पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था।
बुधवार को मृतक सोमपाल के परिजन घटना की तहरीर लेकर मिलकखानम थाने पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल उत्तराखंड क्षेत्र का बताते हुए उनको गदरपुर जाकर तहरीर देने को कहा, जब परिजन गदरपुर पहुंचे तो गदरपुर थाना पुलिस ने उनको मामला मिलकखानम क्षेत्र का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण मृतक सोमपाल के बच्चाें और परिजनों के साथ थाना गदरपुर पहुंचे।
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एसओ जसविन्दर सिंह ने उनको सीमा क्षेत्र का हवाला देते हुए समझाया लेकिन वह मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। एसओ ने एसएसपी बरिन्दरजीत सिंह को मामले से अवगत कराया। इस पर उन्होंने एसपी रामपुर से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। कई घंटे बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो आक्रोशित लोगों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
इस बीच सोमपाल के शव को लेकर पहुंचे लोगों ने मुकदमा दर्ज न होने तक अंतिम संस्कार ना करने की चेतावनी दी। उन्होंने शव के वाहन को थाना गेट के बाहर खड़ा कर दिया। बाद में एसओ ने मृतक के भाई बलवंत सिंह से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हुए।
इस मौके पर रामकीर्ति, माया देवी, भगवती देवी, नन्हीं, राधा, सुनीता, जमुना देवी, रानी, गौरा देवी, विद्या देवी, बीरा देवी, फूलवती, रिंकी, रीना, करन सिंह, विनय सैनी, भोला, सुमित कुमार, सचिन कुमार आदि थे।
सोमपाल की मौत के साथ ही अनाथ हो गये उसके पांच बच्चे
गदरपुर। सोमपाल की मौत के बाद उसके पांच बच्चे अनाथ हो गए हैं। इसे दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि एक वर्ष पूर्व सोमपाल की पत्नी संतोष की भी मौत हो गई थी। सोमपाल अपने पैतृक ग्राम लोकडी मुरादाबाद से अपनी सास के घर बुढहानपुर आकर मेहनत मजदूरी करके तीन लड़कियों व दो लड़कों का पालन-पोषण कर रहा था। वह अपने पीछे पुत्री स्वाति (14), निशा (13), पुत्र सचिन (10), गौरव (8) एवं नन्ही (4) को रोता-बिलखता छोड़ गया है।
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मंगलवार शाम छह बजे यूपी के मिलकखानम क्षेत्र में खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर ट्रॉली ने एक बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर भाग रहा था, जिसका कुछ युवक बाइक से पीछा कर रहे थे। एक बाइक पर सवार यूपी के ग्राम बुढहानपुर निवासी सोमपाल और राम सिंह बमनपुरी मोड़ पर ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आ गए। मूलरूप से लोकडी मुरादाबाद निवासी सोमपाल की पहिये के नीचे आकर कुचलने से मौत हो गई थी, जबकि रामसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सकैनिया पुलिस ने रात में ही मझराझुन्नी मोड़ से ट्रैक्टर ट्रॉली के चालक को हिरासत में लेकर थाना गदरपुर भेजा था। घायल राम सिंह को उपचार के लिए जिला अस्पताल और सोमपाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भिजवाया था। ट्रैक्टर ट्रॉली को मिलकखानम पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था।
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बुधवार को मृतक सोमपाल के परिजन घटना की तहरीर लेकर मिलकखानम थाने पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल उत्तराखंड क्षेत्र का बताते हुए उनको गदरपुर जाकर तहरीर देने को कहा, जब परिजन गदरपुर पहुंचे तो गदरपुर थाना पुलिस ने उनको मामला मिलकखानम क्षेत्र का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण मृतक सोमपाल के बच्चाें और परिजनों के साथ थाना गदरपुर पहुंचे।
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एसओ जसविन्दर सिंह ने उनको सीमा क्षेत्र का हवाला देते हुए समझाया लेकिन वह मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। एसओ ने एसएसपी बरिन्दरजीत सिंह को मामले से अवगत कराया। इस पर उन्होंने एसपी रामपुर से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। कई घंटे बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो आक्रोशित लोगों ने थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
इस बीच सोमपाल के शव को लेकर पहुंचे लोगों ने मुकदमा दर्ज न होने तक अंतिम संस्कार ना करने की चेतावनी दी। उन्होंने शव के वाहन को थाना गेट के बाहर खड़ा कर दिया। बाद में एसओ ने मृतक के भाई बलवंत सिंह से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हुए।
इस मौके पर रामकीर्ति, माया देवी, भगवती देवी, नन्हीं, राधा, सुनीता, जमुना देवी, रानी, गौरा देवी, विद्या देवी, बीरा देवी, फूलवती, रिंकी, रीना, करन सिंह, विनय सैनी, भोला, सुमित कुमार, सचिन कुमार आदि थे।
सोमपाल की मौत के साथ ही अनाथ हो गये उसके पांच बच्चे
गदरपुर। सोमपाल की मौत के बाद उसके पांच बच्चे अनाथ हो गए हैं। इसे दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि एक वर्ष पूर्व सोमपाल की पत्नी संतोष की भी मौत हो गई थी। सोमपाल अपने पैतृक ग्राम लोकडी मुरादाबाद से अपनी सास के घर बुढहानपुर आकर मेहनत मजदूरी करके तीन लड़कियों व दो लड़कों का पालन-पोषण कर रहा था। वह अपने पीछे पुत्री स्वाति (14), निशा (13), पुत्र सचिन (10), गौरव (8) एवं नन्ही (4) को रोता-बिलखता छोड़ गया है।