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Rudraprayag News: देवल और लम्वाड़ गांव में फिर गुलदार की दहशत, आ रही गुर्राने की आवाजें
Thu, 13 Mar 2025 07:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 13 Mar 2025 07:00 PM IST
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12 मार्च को लम्वाड़ गांव में एक गुलदार हो चुका है कैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जखोली। देवल गांव के पास लम्वाड़ गांव में पिंजरे में कैद गुलदार के बाद भी क्षेत्र में गुलदार की दहशत कम नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक गुलदार पकड़ा जा चुका है इसके बाद भी रात में गुलदार के गुर्राने की आवाज आ रही है। वहीं वन विभाग यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि यह नरभक्षी है या नहीं।
बीते 25 फरवरी को देवल गांव में गुलदार ने 65 वर्षीय महिला को मार डाला था। वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर दिया था। 16वें दिन बीते बुधवार को देवल गांव के समीप लम्वाड़ गांव में गुलदार पिंजरे में फंस गया था जिसे विभागीय टीम ने रेस्क्यू सेंटर चिड़ियापुर भेज दिया। मगर गुलदार को पकड़ने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत कम नहीं हुई है। शर्मिला देवी, रेखा देवी, सुशीला देवी, अंजली देवी, हरीश पुंडीर, सुरेंद्र सकलानी, अनिल नेगी, कृपाल सिंह आदि ने कहा कि अब भी क्षेत्र में दो से तीन गुलदार होने की आशंका है। बीती रात को भी गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। कहा कि मयाली में कुछ मांस विक्रेता कूड़ा-कचरा गदेरे में फेंक देते हैं जहां लावारिस कुत्तों के साथ जंगली जानवर आते हैं। ऐसे में यहां गुलदार के सक्रिय होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त करने की मांग की। इधर, वन विभाग के रेंजर हरीश थपलियाल ने बताया कि चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर की रिपोर्ट के बाद ही गुलदार के नरभक्षी होने या न होने की स्थिति साफ हो पाएगी। फिलहाल क्षेत्र में गश्त की जा रही है। लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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जखोली। देवल गांव के पास लम्वाड़ गांव में पिंजरे में कैद गुलदार के बाद भी क्षेत्र में गुलदार की दहशत कम नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक गुलदार पकड़ा जा चुका है इसके बाद भी रात में गुलदार के गुर्राने की आवाज आ रही है। वहीं वन विभाग यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि यह नरभक्षी है या नहीं।
बीते 25 फरवरी को देवल गांव में गुलदार ने 65 वर्षीय महिला को मार डाला था। वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर दिया था। 16वें दिन बीते बुधवार को देवल गांव के समीप लम्वाड़ गांव में गुलदार पिंजरे में फंस गया था जिसे विभागीय टीम ने रेस्क्यू सेंटर चिड़ियापुर भेज दिया। मगर गुलदार को पकड़ने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत कम नहीं हुई है। शर्मिला देवी, रेखा देवी, सुशीला देवी, अंजली देवी, हरीश पुंडीर, सुरेंद्र सकलानी, अनिल नेगी, कृपाल सिंह आदि ने कहा कि अब भी क्षेत्र में दो से तीन गुलदार होने की आशंका है। बीती रात को भी गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। कहा कि मयाली में कुछ मांस विक्रेता कूड़ा-कचरा गदेरे में फेंक देते हैं जहां लावारिस कुत्तों के साथ जंगली जानवर आते हैं। ऐसे में यहां गुलदार के सक्रिय होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त करने की मांग की। इधर, वन विभाग के रेंजर हरीश थपलियाल ने बताया कि चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर की रिपोर्ट के बाद ही गुलदार के नरभक्षी होने या न होने की स्थिति साफ हो पाएगी। फिलहाल क्षेत्र में गश्त की जा रही है। लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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