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मद्महेश्वर मेला आध्यात्म व संस्कृति का संगम : रावल
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राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में शुरू हुआ मेला
रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के अपने धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन पर तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेला रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया है।
शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में मेला का उद्घाटन केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने किया। उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर मेला का आयोजन युगों से हो रहा है जो संस्कृति और आध्यात्म का संगम है। मुख्य अतिथि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि मेले जहां सौहार्द का प्रतीक हैं वहीं, प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्वेता पांडेय ने कहा कि मेला समिति के अथक प्रयासों से यह प्राचीन मेला प्रतिवर्ष भव्य रूप लेता जा रहा है।
अध्यक्षता बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर मेलाध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग, पुजारी शिव लिंग, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, मंदिर समिति के सदस्य रणजीत सिंह राणा, नवीन मैठाणी, राजकुमार तिवारी, प्रदीप धरम्वाण, सरला रावत, रवींद्र रावत मौजूद थे।
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आज ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी मद्महेश्वर की डोली
ऊखीमठ। आज शनिवार को पंच केदार में द्वितीय भगवान मद्महेश्वर शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होंगे। डोली आगमन के लिए ओंकारेश्वर मंदिर को फूलों से सजाया गया है। शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे द्वितीय केदार भगवान मद्हेश्वर की चल उत्सव डोली ने राकेश्वरी मंदिर की परिक्रमा कर अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर डोली प्रभारी पारेश्वर त्रिवेदी, शिव सिंह रावत, ग्राम प्रधान प्रताप सिंह राणा, धीरेंद्र भट्ट, केशव भट्ट, प्रकाश, विकास मौजूद थे। संवाद
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रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के अपने धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन पर तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेला रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया है।
शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में मेला का उद्घाटन केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग ने किया। उन्होंने कहा कि मद्महेश्वर मेला का आयोजन युगों से हो रहा है जो संस्कृति और आध्यात्म का संगम है। मुख्य अतिथि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि मेले जहां सौहार्द का प्रतीक हैं वहीं, प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्वेता पांडेय ने कहा कि मेला समिति के अथक प्रयासों से यह प्राचीन मेला प्रतिवर्ष भव्य रूप लेता जा रहा है।
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अध्यक्षता बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर मेलाध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग, पुजारी शिव लिंग, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला, वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, मंदिर समिति के सदस्य रणजीत सिंह राणा, नवीन मैठाणी, राजकुमार तिवारी, प्रदीप धरम्वाण, सरला रावत, रवींद्र रावत मौजूद थे।
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आज ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होगी मद्महेश्वर की डोली
ऊखीमठ। आज शनिवार को पंच केदार में द्वितीय भगवान मद्महेश्वर शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होंगे। डोली आगमन के लिए ओंकारेश्वर मंदिर को फूलों से सजाया गया है। शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे द्वितीय केदार भगवान मद्हेश्वर की चल उत्सव डोली ने राकेश्वरी मंदिर की परिक्रमा कर अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। इस अवसर पर डोली प्रभारी पारेश्वर त्रिवेदी, शिव सिंह रावत, ग्राम प्रधान प्रताप सिंह राणा, धीरेंद्र भट्ट, केशव भट्ट, प्रकाश, विकास मौजूद थे। संवाद