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चारधाम यात्रा में इस बार बाधा नहीं बनेंगे भूस्खलन जोन
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर नारायणघाटी में सीड़िंग एवं मंचिग विधि से किया जा रहा है उपचार।
- फोटो : RUDRAPRYAG
विक्रम कप्रवाण
रुद्रप्रयाग।चारधाम यात्रा के दौरान इस बार भूस्खलन जोन बाधा नहीं बनेंगे। चारधाम विकास परियोजना के तहत ऋकिषेश-बदरीनाथ हाईवे पर चिहिृृत भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट शुरू हो गया है। राजमार्ग पर घोलतीर के समीप नारायणघाटी में आपदा के बाद से परेशानी का सबब बने भूस्खलन जोन का कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल द्वारा सीडिंग एवं बंचिंग विधि से स्थायी उपचार किया जा रहा है। इसके बाद राजमार्ग पर अन्य प्रभावित स्थानों का भी उपचार किया जाएगा, जिससे बरसात में भूस्खलन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
बदरीनाथ हाईवे पर जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से लगभग 17 किमी दूर नारायणघाटी भूस्खलन जोन का कार्यदायी संस्था द्वारा बीते एक सप्ताह से ट्रीटमेंट किया जा रहा है। आपदा के बाद यहां पर नियमित भूस्खलन से सड़क भी बदहाल हो चुकी है। साथ ही हल्की बारिश में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब, इस भूस्खलन जोन से निजात मिल जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा लगभग एक किमी क्षेत्र में फैले तीन भूस्खलन जोन का सीडिंग एवं बंचिंग तकनीक से उपचार किया जा रहा है। इस विधि में पहाड़ी पर तीन मीटर गहरे छेद करते हुए उसमें लोहे की रॉड डाली जा रही हैं, जिन्हें लोहे की छड़ों से बंच किया जा रहा है। साथ ही पहाड़ी पर घास के बीज डालकर पूरे क्षेत्र को जूट के बोरों से ढककर बाहर से लोहे की जाली लगाई जा रही है। यह जाली पहाड़ी पर पत्थरों को थामकर रखेगी। जबकि जूट के बोरे पहाड़ी पर डाले गए बीजों को नमी देने का काम करेंगे, जिससे जल्द ही घास उग आएगी। कार्यदायी संस्था के अनुसार आगामी चारधाम यात्रा से पूर्व प्रभावित क्षेत्र का उपचार कार्य पूरा कर दिया जाएगा। इस कार्य के पूरा होने से बरसात में भूस्खलन से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और यातायात सुचारु बना रहेगा।
इनका कहना है --
बदरीनाथ राजमार्ग पर घोलतीर के समीप नारायणघाटी में भूस्खलन जोन का तकनीक के आधार पर स्थायी ट्रीटमेंट का कार्य किया जा रहा है। आगामी यात्रा से पूर्व इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चरणबद्ध तरीके से हाईवे पर अन्य भूस्खलन जोन का भी इसी तरह ट्रीटमेंट किया जाएगा।
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---- शक्ति सिंह यादव, सहायक अभियंता एनएचआईडीसीएल
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रुद्रप्रयाग।चारधाम यात्रा के दौरान इस बार भूस्खलन जोन बाधा नहीं बनेंगे। चारधाम विकास परियोजना के तहत ऋकिषेश-बदरीनाथ हाईवे पर चिहिृृत भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट शुरू हो गया है। राजमार्ग पर घोलतीर के समीप नारायणघाटी में आपदा के बाद से परेशानी का सबब बने भूस्खलन जोन का कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल द्वारा सीडिंग एवं बंचिंग विधि से स्थायी उपचार किया जा रहा है। इसके बाद राजमार्ग पर अन्य प्रभावित स्थानों का भी उपचार किया जाएगा, जिससे बरसात में भूस्खलन की समस्या से निजात मिल जाएगी।
बदरीनाथ हाईवे पर जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से लगभग 17 किमी दूर नारायणघाटी भूस्खलन जोन का कार्यदायी संस्था द्वारा बीते एक सप्ताह से ट्रीटमेंट किया जा रहा है। आपदा के बाद यहां पर नियमित भूस्खलन से सड़क भी बदहाल हो चुकी है। साथ ही हल्की बारिश में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब, इस भूस्खलन जोन से निजात मिल जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा लगभग एक किमी क्षेत्र में फैले तीन भूस्खलन जोन का सीडिंग एवं बंचिंग तकनीक से उपचार किया जा रहा है। इस विधि में पहाड़ी पर तीन मीटर गहरे छेद करते हुए उसमें लोहे की रॉड डाली जा रही हैं, जिन्हें लोहे की छड़ों से बंच किया जा रहा है। साथ ही पहाड़ी पर घास के बीज डालकर पूरे क्षेत्र को जूट के बोरों से ढककर बाहर से लोहे की जाली लगाई जा रही है। यह जाली पहाड़ी पर पत्थरों को थामकर रखेगी। जबकि जूट के बोरे पहाड़ी पर डाले गए बीजों को नमी देने का काम करेंगे, जिससे जल्द ही घास उग आएगी। कार्यदायी संस्था के अनुसार आगामी चारधाम यात्रा से पूर्व प्रभावित क्षेत्र का उपचार कार्य पूरा कर दिया जाएगा। इस कार्य के पूरा होने से बरसात में भूस्खलन से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और यातायात सुचारु बना रहेगा।
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इनका कहना है --
बदरीनाथ राजमार्ग पर घोलतीर के समीप नारायणघाटी में भूस्खलन जोन का तकनीक के आधार पर स्थायी ट्रीटमेंट का कार्य किया जा रहा है। आगामी यात्रा से पूर्व इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चरणबद्ध तरीके से हाईवे पर अन्य भूस्खलन जोन का भी इसी तरह ट्रीटमेंट किया जाएगा।
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---- शक्ति सिंह यादव, सहायक अभियंता एनएचआईडीसीएल