{"_id":"5e21e81e8ebc3e4b3a57a78b","slug":"jungle-will-be-saved-with-the-help-of-women-power-in-the-fire-season-rudrapryag-news-drn3330992169","type":"story","status":"publish","title_hn":"फायर सीजन में मातृशक्ति के सहयोग से बचेंगे जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फायर सीजन में मातृशक्ति के सहयोग से बचेंगे जंगल
विज्ञापन
वनों की सुरक्षा और संवर्धन में गांव के महिला मंगल दल अहम भूमिका निभाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया है। साथ ही उन्हें वनाग्नि बुझाने समेत अन्य कार्यों के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बेहतर कार्य पर, उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग द्वारा मयाली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही है। अब, वन विभाग द्वारा वनों की सुरक्षा व संवर्धन में महिलाओं का सहयोग बेहतरीन पहल है। कहा कि इस व्यवस्था से जहां वनों का विकास होगा। वहीं, कई परिवारों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। कहा कि बीते दस वर्षों तक गांवों में परंपररा थी कि वनों में आग लगने पर सभी ग्रामीण आग बुझाने जाते थे। अब, एक बार फिर मातृ शक्ति के सहयोग से वनों को आग से बचाने के साथ वनों के विकास में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि फायर सीजन में बेहतर कार्य करने वाले महिला मंगल दलों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ वैभव कुमार ने कहा कि प्रभाग की सभी सात रेंजों में महिला मंगल दलों के माध्यम से वनीकरण के अनुरक्षण का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए ममंद को लगभग सात सौ रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। मौके पर पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली व राजेंद्र गोस्वामी ने कहा कि वनों का संरक्षण बिना जन सहभागिता के नहीं हो सकता है। बैठक में उप जिलाधिकारी एनएस नगन्याल, एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही, तहसीलदार शालिनी मौर्य समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारियों समेत महिला मंगल दल के सदस्य मौजूद थे।
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग द्वारा मयाली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही है। अब, वन विभाग द्वारा वनों की सुरक्षा व संवर्धन में महिलाओं का सहयोग बेहतरीन पहल है। कहा कि इस व्यवस्था से जहां वनों का विकास होगा। वहीं, कई परिवारों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। कहा कि बीते दस वर्षों तक गांवों में परंपररा थी कि वनों में आग लगने पर सभी ग्रामीण आग बुझाने जाते थे। अब, एक बार फिर मातृ शक्ति के सहयोग से वनों को आग से बचाने के साथ वनों के विकास में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि फायर सीजन में बेहतर कार्य करने वाले महिला मंगल दलों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर डीएफओ वैभव कुमार ने कहा कि प्रभाग की सभी सात रेंजों में महिला मंगल दलों के माध्यम से वनीकरण के अनुरक्षण का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए ममंद को लगभग सात सौ रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। मौके पर पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली व राजेंद्र गोस्वामी ने कहा कि वनों का संरक्षण बिना जन सहभागिता के नहीं हो सकता है। बैठक में उप जिलाधिकारी एनएस नगन्याल, एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही, तहसीलदार शालिनी मौर्य समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारियों समेत महिला मंगल दल के सदस्य मौजूद थे।
विज्ञापन