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Rudraprayag News: वनाग्नि से होने वाले खतरे के बारे में दी जानकारी
Wed, 08 Jan 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:14 PM IST
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रुद्रप्रयाग। चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर व वन विभाग ने वनों को आग से बचाने के लिए जनजागरूता अभियान के तहत धनपुर और रानीगढ़ पट्टी के गांवों में संगोष्ठी का आयोजन किया। इस मौके पर ग्रामीणों को वनाग्नि से पैदा होने वाले खतरे के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही वनों को बचाने के लिए सहभागिता से कार्य करने की अपील की गई।
अगस्त्यमुनि विकासखंड के रानीगढ़ पट्टी चौकी, बीना, तोरियाल और लदोली गांवों में आयोजित गोष्ठियों में ग्रामीणों को वनाग्नि के खतरों के बारे में जागरूक किया गया। पर्यावरण प्रेमी और शिक्षक सतेंद्र भंडारी ने कहा कि हमारे क्षेत्र ने चिपको आंदोलन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। अब हमारे सामने जंगलों को बचाने की चुनौती है। पूर्व प्रधान गंभीर सिंह ने कहा कि ग्राम स्तर पर वनाग्नि रोधी समितियों को प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए। दर्शनी देवी ने कहा कि वनीकरण का जिम्मा विभाग को ग्रामीणों के साथ मिलकर सौंपना चाहिए। चौकी के सरपंच भरत चौकियाल ने वनाग्नि रोधी समितियों को नियमित प्रशिक्षण देने और उनके लिए आवश्यक उपकरण मुहैया कराने की बात कही। लखपत सिंह ने स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के अभियानों के निरंतर संचालन की बात कही। इस मौके पर चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट, चिपको आंदोलन की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मण्डल के विनय सेमवल, वन विभाग डिप्टी रेंजर संतोष बडवाल, मनीष नेगी, हीरा सिंह राणा, समाजसेवी चंडी प्रसाद चौकियाल, लखपत सिंह चौधरी समेत भारी संख्या में ग्रामीण थे।
अगस्त्यमुनि विकासखंड के रानीगढ़ पट्टी चौकी, बीना, तोरियाल और लदोली गांवों में आयोजित गोष्ठियों में ग्रामीणों को वनाग्नि के खतरों के बारे में जागरूक किया गया। पर्यावरण प्रेमी और शिक्षक सतेंद्र भंडारी ने कहा कि हमारे क्षेत्र ने चिपको आंदोलन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। अब हमारे सामने जंगलों को बचाने की चुनौती है। पूर्व प्रधान गंभीर सिंह ने कहा कि ग्राम स्तर पर वनाग्नि रोधी समितियों को प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए। दर्शनी देवी ने कहा कि वनीकरण का जिम्मा विभाग को ग्रामीणों के साथ मिलकर सौंपना चाहिए। चौकी के सरपंच भरत चौकियाल ने वनाग्नि रोधी समितियों को नियमित प्रशिक्षण देने और उनके लिए आवश्यक उपकरण मुहैया कराने की बात कही। लखपत सिंह ने स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के अभियानों के निरंतर संचालन की बात कही। इस मौके पर चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट, चिपको आंदोलन की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मण्डल के विनय सेमवल, वन विभाग डिप्टी रेंजर संतोष बडवाल, मनीष नेगी, हीरा सिंह राणा, समाजसेवी चंडी प्रसाद चौकियाल, लखपत सिंह चौधरी समेत भारी संख्या में ग्रामीण थे।
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