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ऊधमसिंह नगर में 838 हैंडपंप सूख गए
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रुद्रपुर के श्रमिक पार्क के पास खराब पड़ा हैंडपंप।
- फोटो : RUDRAPUR
जिले में गर्मी ने दस्तक देनी शुरू कर दी है लेकिन खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग के पास बजट नहीं है। अधिकतर हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 11 हजार 868 हैंडपंप हैं। इनमें से 838 हैंडपंप स्थायी रूप से खराब पड़े हुए हैं।
राज्य गठन से पहले तराई में करीब 7075 हैंडपंप लगे हुए थे। वर्ष 2001 में जिले में पेयजल निगम, जिला पंचायत, नगर पालिका और मंडी परिषद की ओर से 295 हैंडपंप लगाए गए थे। वर्तमान में जिले में 838 हैंडपंप पूरी तरह से खराब पड़े हुए हैं।
जनवरी तक 140 हैंडपंप अस्थायी रूप से खराब थे। पेयजल निगम अभी तक स्थायी रूप से खराब पड़े कलक्ट्रेट परिसर, रोडवेज बस स्टेशन, बीआरसी परिसर, प्रीत विहार, गांधी पार्क, लेबर पार्क सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों के हैंडपंप ठीक नहीं कर पाया है। इधर, पेयजल निगम से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी तक 164 हैंडपंपों को रिबोर किया गया है, जबकि 3826 अस्थायी रूप से खराब हैंडपंप की मरम्मत की गई है।
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साल दर साल लगाए गए हैंडपंप
वर्ष 2002-03 में 267, 2003-04 में 342, 2004-05 में 351, 2005-06 में 382, 2006-07 में 424, 2007-08 में 269, 2008-09 में 299, 2009-10 में 203, 2010-11 में 144, 2011-12 में 120, 2012-13 में 324, 2013-14 में 282, 2014-15 में 245, 2015-16 में 189, 2016-17 में 308, 2017-18 में 61, 2018-19 में 186 और 2019-20 में 100 हैंडपंप पेयजल निगम की ओर से लगाए गए हैं।
ऊधमसिंह नगर में वर्षों से खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने के लिए पेयजल निगम को जिला और राज्य सेक्टर से बजट मिलता है। शासन को लगभग 650.81 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलते ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत की जाएगी।
- विपिन पुरोहित, चीफ इंजीनियर, पेयजल निगम।
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राज्य गठन से पहले तराई में करीब 7075 हैंडपंप लगे हुए थे। वर्ष 2001 में जिले में पेयजल निगम, जिला पंचायत, नगर पालिका और मंडी परिषद की ओर से 295 हैंडपंप लगाए गए थे। वर्तमान में जिले में 838 हैंडपंप पूरी तरह से खराब पड़े हुए हैं।
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जनवरी तक 140 हैंडपंप अस्थायी रूप से खराब थे। पेयजल निगम अभी तक स्थायी रूप से खराब पड़े कलक्ट्रेट परिसर, रोडवेज बस स्टेशन, बीआरसी परिसर, प्रीत विहार, गांधी पार्क, लेबर पार्क सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों के हैंडपंप ठीक नहीं कर पाया है। इधर, पेयजल निगम से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी तक 164 हैंडपंपों को रिबोर किया गया है, जबकि 3826 अस्थायी रूप से खराब हैंडपंप की मरम्मत की गई है।
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साल दर साल लगाए गए हैंडपंप
वर्ष 2002-03 में 267, 2003-04 में 342, 2004-05 में 351, 2005-06 में 382, 2006-07 में 424, 2007-08 में 269, 2008-09 में 299, 2009-10 में 203, 2010-11 में 144, 2011-12 में 120, 2012-13 में 324, 2013-14 में 282, 2014-15 में 245, 2015-16 में 189, 2016-17 में 308, 2017-18 में 61, 2018-19 में 186 और 2019-20 में 100 हैंडपंप पेयजल निगम की ओर से लगाए गए हैं।
ऊधमसिंह नगर में वर्षों से खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने के लिए पेयजल निगम को जिला और राज्य सेक्टर से बजट मिलता है। शासन को लगभग 650.81 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलते ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत की जाएगी।
- विपिन पुरोहित, चीफ इंजीनियर, पेयजल निगम।