फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Gates of Gauri Mai temple closed in Gaurikund

गौरीकुंड में गौरी माई मंदिर के कपाट बंद

Sat, 06 Nov 2021 07:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 06 Nov 2021 07:15 PM IST
विज्ञापन
Gates of Gauri Mai temple closed in Gaurikund
गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए हुए बंद। - फोटो : RUDRAPRYAG
गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। आराध्य की डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गौरी गांव में विराजमान हो गई है। यहां अगले छह माह तक मां भगवती की पूजा-अर्चना होगी।
विज्ञापन

शनिवार सुबह 8 बजे मंदिर के पुजारी विजयराम गोस्वामी ने मंदिर में मां गौरी की विशेष पूजा-अर्चना की। देवी का शृंगार कर आरती उतारी गई और भोग लगाया गया। उन्होंने मठाधिपति संपूर्णानंद गोस्वामी के हाथों कपाट बंद करने का संकल्प लेते हुए अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। सुबह 8 बजे विधिविधान से गौरीमाई की मूर्ति को कंडी में विराजमान करने के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिर की परिक्रमा के बाद गौरी माई की डोली ने अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गौरी मंदिर गौरीगांव के लिए प्रस्थान किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों व भक्तों के जयकारों के बीच पूर्वाह्न 11 बजे डोली गौरी गांव पहुंची। वहां गौरी माई की मूर्तियों को मंदिर के गर्भगृह में छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए विराजमान किया गया। इस मौके पर देवी गोस्वामी, संजय प्रसाद गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, कैलाश गोस्वामी, सुशील गोस्वामी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

बाबा केदार से नहीं होता गौरी माई का मिलन
केदारनाथ के कपाट बंद होने पर बाबा की डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर प्रस्थान के लिए गौरीकुंड से होकर गुजरती है लेकिन इससे पहले ही गौरीकुंड में गौरी माई मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं और आराध्य गौरी गांव पहुंच जाती हैं। इस परंपरा को लेकर धार्मिक मान्यता है कि जब भगवान शिव ने गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया था तो माता पार्वती उनसे नाराज हो गई थी। ऐसे में जब भगवान केदारनाथ से गौरीकुंड पहुंचे तो माता उनसे मिले बिना गौरी गांव चली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

भंडारे का किया गया आयोजन
गौरीकुंड के ग्रामीणों व व्यापार संघ ने गौरी माई के कपाट बंद होने पर भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया। इस मौके पर केदारनाथ से लौट रहे श्रद्धालुओं ने भी भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। व्यापार संघ के अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी ने बताया कि सभी लोगों के सहयोग से यह भंडारा आयोजित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed