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मां चंडिका की दिवारा में उमड़े श्रद्धालु
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दशज्यूला कांडई की आराध्य मां भगवती चंडिका की डोली दिवारा यात्रा में गांवों का भ्रमण कर घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछ रही हैं। इस अनुष्ठान में ग्रामीण, प्रवासी व ध्याणियां शामिल होकर आराध्य की पूजा-अर्चना कर भेंट अर्पित कर रही हैं। डोली नौ माह तक अपने 24 गांवों के साथ ही ध्याणियों के गांवों का भी भ्रमण करेगी।
92 वर्ष के बाद इस वर्ष विजयदशमी को मां चंडिका की दिवारा यात्रा महड़ गांव से शुरू हुई थी। पहले दिन महड़ मल्ला में रात्रि प्रवास के बाद मां भगवती की डोली अपने मायके आगर गांव पहुंची। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के बीच वर्षों बाद मां चंडिका का नैणी देवी से मिलन को देखकर कई ध्याणियां व भक्तों की आंखें नम हो गईं। साथ ही पूरा गांव मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। आराध्य मां चंडिका की डोली ने अपने मायके आगर गांव में घर-घर जाकर अपने भक्तों की कुशलक्षेम भी पूछी। दिवारा यात्रा मां चंडिका कोखंडी से तलगड़ का भ्रमण करते हुए बुधवार को क्यूड़ी गांव पहुंची। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ आराध्य का स्वागत किया। साथ ही सामूहिक अर्घ्य लगाते हुए पूजा-अर्चना के साथ दर्शन किए। ग्रामीणों ने अपनी ईष्ट देवी को फल-फूल, लाल चुनरी, शृंगार सामग्री व जेवर भी भेंट किए। जय मां चंडिका दशज्यूला दिवारा समिति महड़ के मीडिया प्रबंधक सुभाष चौहान, समिति के अध्यक्ष धीर सिंह बिष्ट, सचिव देवेंद्र जग्गी, जगदीश भंडारी, हीरा सिंह नेगी, ललिता प्रसाद पुरोहित, कालिका कांडपाल, जितेंद्र कांडपाल, दलीप राणा, सुदर्शन सिंह नेगी, विक्रम राणा, छतर सिंह राणा आदि ने बताया कि 21 अक्तूबर को दिवारा यात्रा ढुंग, 22 को जरम्वाड़ और 23 को मालकोटी गांव पहुंचेगी।
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92 वर्ष के बाद इस वर्ष विजयदशमी को मां चंडिका की दिवारा यात्रा महड़ गांव से शुरू हुई थी। पहले दिन महड़ मल्ला में रात्रि प्रवास के बाद मां भगवती की डोली अपने मायके आगर गांव पहुंची। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के बीच वर्षों बाद मां चंडिका का नैणी देवी से मिलन को देखकर कई ध्याणियां व भक्तों की आंखें नम हो गईं। साथ ही पूरा गांव मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। आराध्य मां चंडिका की डोली ने अपने मायके आगर गांव में घर-घर जाकर अपने भक्तों की कुशलक्षेम भी पूछी। दिवारा यात्रा मां चंडिका कोखंडी से तलगड़ का भ्रमण करते हुए बुधवार को क्यूड़ी गांव पहुंची। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ आराध्य का स्वागत किया। साथ ही सामूहिक अर्घ्य लगाते हुए पूजा-अर्चना के साथ दर्शन किए। ग्रामीणों ने अपनी ईष्ट देवी को फल-फूल, लाल चुनरी, शृंगार सामग्री व जेवर भी भेंट किए। जय मां चंडिका दशज्यूला दिवारा समिति महड़ के मीडिया प्रबंधक सुभाष चौहान, समिति के अध्यक्ष धीर सिंह बिष्ट, सचिव देवेंद्र जग्गी, जगदीश भंडारी, हीरा सिंह नेगी, ललिता प्रसाद पुरोहित, कालिका कांडपाल, जितेंद्र कांडपाल, दलीप राणा, सुदर्शन सिंह नेगी, विक्रम राणा, छतर सिंह राणा आदि ने बताया कि 21 अक्तूबर को दिवारा यात्रा ढुंग, 22 को जरम्वाड़ और 23 को मालकोटी गांव पहुंचेगी।
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