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Rudraprayag News: पर्याप्त कक्ष-कक्षों से भी महरूम डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग
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स्थापना के 18 वर्ष बाद भी व्यवस्था के भवनों पर चल रहा
सभागार, प्रयोगशाला तक की नहीं यहां सुविधा
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं, धनपुर, रानीगढ़ पट्टी के साथ जखोली ब्लॉक के भरदार क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के बेहतर उच्च शिक्षा के सपनों को पंख नहीं लग पा रहे हैं।
स्थापना के 18 वर्ष बाद भी डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग को अपना कैंपस तो दूर, पर्याप्त कक्ष-कक्षा भी नहीं मिल पाए हैं। डिग्री कॉलेज का संचालन राजकीय बालिका इंटर काॅलेज के पुराने भवनों पर हो रहा है। साथ ही सभागार और प्रयोगशाला का अभाव है। वर्तमान शिक्षण सत्र में यहां बीए, बीएससी व अन्य पाठ्यक्रमों में 370 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
2006 में रुद्रप्रयाग को डिग्री कॉलेज की सौगात मिली। महाविद्यालय में बीबीए व बीसीए पाठ्यक्रम के साथ ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मुख्यालय से पांच किमी दूर रैंतोली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास पर संचालन शुरू किया गया। 12 वर्ष तक दो कक्षों पर कॉलेज संचालित होता रहा। 2018 में राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में पांच विषयों में बीए की मान्यता मिली।
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इसके बाद कॉलेज को मुख्य बाजार में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पुराने परिसर में शिफ्ट किया गया। बाद में विधायक भरत सिंह चौधरी ने विधायक निधि से कॉलेज में सभागार व अन्य कार्यों के लिए धनराशि दी, लेकिन आज भी पुराने भवनों में जैसे-तैसे काम चलाऊ तरीके से कक्षाएं चल रही हैं। 2021 से कॉलेज में बीएससी कक्षाएं भी शुरू हो चुकी है। वर्तमान शिक्षण सत्र में बीबीए, बीसीए, बीए, बीएससी के साथ बीए टूरिज्म में 370 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
कामचलाऊ व्यवस्था के तहत विज्ञान व कला संवर्ग के साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है। जगह नहीं होने से शिक्षण व शिक्षणेत्तर गतिविधियों के संचालन में दिक्कतें हो रही है। जरूरी है कि जवाड़ी में चिह्नित भूमि पर महाविद्यालय के लिए पर्याप्त कैंपस का निर्माण किया जाए।
-डाॅ. आशुतोष त्रिपाठी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग
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सभागार, प्रयोगशाला तक की नहीं यहां सुविधा
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं, धनपुर, रानीगढ़ पट्टी के साथ जखोली ब्लॉक के भरदार क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के बेहतर उच्च शिक्षा के सपनों को पंख नहीं लग पा रहे हैं।
स्थापना के 18 वर्ष बाद भी डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग को अपना कैंपस तो दूर, पर्याप्त कक्ष-कक्षा भी नहीं मिल पाए हैं। डिग्री कॉलेज का संचालन राजकीय बालिका इंटर काॅलेज के पुराने भवनों पर हो रहा है। साथ ही सभागार और प्रयोगशाला का अभाव है। वर्तमान शिक्षण सत्र में यहां बीए, बीएससी व अन्य पाठ्यक्रमों में 370 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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2006 में रुद्रप्रयाग को डिग्री कॉलेज की सौगात मिली। महाविद्यालय में बीबीए व बीसीए पाठ्यक्रम के साथ ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर मुख्यालय से पांच किमी दूर रैंतोली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास पर संचालन शुरू किया गया। 12 वर्ष तक दो कक्षों पर कॉलेज संचालित होता रहा। 2018 में राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में पांच विषयों में बीए की मान्यता मिली।
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इसके बाद कॉलेज को मुख्य बाजार में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पुराने परिसर में शिफ्ट किया गया। बाद में विधायक भरत सिंह चौधरी ने विधायक निधि से कॉलेज में सभागार व अन्य कार्यों के लिए धनराशि दी, लेकिन आज भी पुराने भवनों में जैसे-तैसे काम चलाऊ तरीके से कक्षाएं चल रही हैं। 2021 से कॉलेज में बीएससी कक्षाएं भी शुरू हो चुकी है। वर्तमान शिक्षण सत्र में बीबीए, बीसीए, बीए, बीएससी के साथ बीए टूरिज्म में 370 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
कामचलाऊ व्यवस्था के तहत विज्ञान व कला संवर्ग के साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है। जगह नहीं होने से शिक्षण व शिक्षणेत्तर गतिविधियों के संचालन में दिक्कतें हो रही है। जरूरी है कि जवाड़ी में चिह्नित भूमि पर महाविद्यालय के लिए पर्याप्त कैंपस का निर्माण किया जाए।
-डाॅ. आशुतोष त्रिपाठी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग