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Rudraprayag News: कांग्रेस ने डीएम कार्यालय पर दिया धरना
Fri, 30 Jan 2026 05:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 30 Jan 2026 05:13 PM IST
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मनरेगा का नाम बदलने का किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। मनरेगा के नाम में परिवर्तन और नए प्रावधानों के विरोध में कांग्रेस ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने पर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने वीबीजीरामजी योजना लागू कर मनरेगा की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया है। केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि मनरेगा में श्रमिकों को संवैधानिक गारंटी प्राप्त थी जिसके तहत 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित होता था। मगर जानबूझकर पुराने भुगतान रोके गए और मनरेगा एक्ट को खत्म कर नया प्रावधान लाया गया। इसने गरीबों के अधिकार छीने हैं, साथ ही इससे ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ेगी और आय में भी कमी आएगी। जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने योजनाओं का नाम बदलने के अलावा अब तक कुछ नहीं किया। धरने पर कांग्रेस नेता अंकुर रौथाण, लक्ष्मण रावत, नरेंद्र बिष्ट, राय सिंह बिष्ट, बीरेंद्र बुटोला, विनोद राणा, विनोद चंद और राजेंद्र नौटियाल आदि शामिल रहे। संवाद
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रुद्रप्रयाग। मनरेगा के नाम में परिवर्तन और नए प्रावधानों के विरोध में कांग्रेस ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने पर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने वीबीजीरामजी योजना लागू कर मनरेगा की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया है। केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि मनरेगा में श्रमिकों को संवैधानिक गारंटी प्राप्त थी जिसके तहत 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित होता था। मगर जानबूझकर पुराने भुगतान रोके गए और मनरेगा एक्ट को खत्म कर नया प्रावधान लाया गया। इसने गरीबों के अधिकार छीने हैं, साथ ही इससे ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ेगी और आय में भी कमी आएगी। जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने योजनाओं का नाम बदलने के अलावा अब तक कुछ नहीं किया। धरने पर कांग्रेस नेता अंकुर रौथाण, लक्ष्मण रावत, नरेंद्र बिष्ट, राय सिंह बिष्ट, बीरेंद्र बुटोला, विनोद राणा, विनोद चंद और राजेंद्र नौटियाल आदि शामिल रहे। संवाद
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