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गडमिल गांव में चक्रव्यूह लीला का मंचन आज
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गडमिल गांव में इस बार 15 वर्ष बाद हो रहा पांडव नृत्य।
- फोटो : RUDRAPRYAG
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गडमिल गांव में 15 वर्ष बाद हो रहे पांडव नृत्य में प्रवासी समेत ध्याणियां शामिल हो रही हैं। मंगलवार को यहां चक्रव्यूह का मंचन होगा। 2 दिसंबर को मोरू डाली लीला के साथ ही अनुष्ठान का समापन हो जाएगा।
14 नवंबर से शुरू अनुष्ठान में गांव के 35 फीसदी प्रवासी जो दिल्ली, देहरादून, दुबई समेत अन्य शहरों में निवास करते हैं शामिल हो रखे हैं। साथ ही गांव की पुरानी व नई ध्याणियों को भी आमंत्रित किया गया है जो परिवार समेत पांडवों का आशीर्वाद लेने गांव पहुंच रही हैं। पांडव लीला समिति के अध्यक्ष राज्यवर्धन खंडूड़ी ने बताया कि पंचायती चौक में प्रतिदिन पूजा-अर्चना के साथ ढोल-दमाऊं की थाप व पंडवाणी गायन में महाभारतकालीन घटनाओं पर पांडव, कुंती, द्रोपदी समेत भगवान नारायण व अन्य देवी-देवता अपने पश्वाओं पर अवतरित हो रहे हैं। दोपहर 2 बजे से 5 बजे व रात्रि 9 से 12 बजे तक पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। मंगलवार को यहां विधि-विधान के साथ चक्रव्यूह का मंचन किया जाएगा। इस दौरान महाभारत युद्ध में वीर अभिमन्यु द्वारा चक्रव्यूह में कौरवों से युद्ध का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान यशवंत सिंह बुटोला, हर्षवर्धन रावत, नारायण सिंह बुटोला, अनिल, नरेंद्र, गोपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, दरवान सिंह, कलम सिंह आदि मौजूद थे।
इधर, जखोली ब्लॉक के दरमोला और जवाड़ी गांव में भी पांडव नृत्य देखने के लिए क्षेत्र समेत अन्य गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वहीं, ग्राम पंचायत सन में पांडव नृत्य को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। ग्राम प्रधान विनोद नौटियाल ने बताया कि प्रवासी व ध्याणियों को विशेष तौर पर अनुष्ठान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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14 नवंबर से शुरू अनुष्ठान में गांव के 35 फीसदी प्रवासी जो दिल्ली, देहरादून, दुबई समेत अन्य शहरों में निवास करते हैं शामिल हो रखे हैं। साथ ही गांव की पुरानी व नई ध्याणियों को भी आमंत्रित किया गया है जो परिवार समेत पांडवों का आशीर्वाद लेने गांव पहुंच रही हैं। पांडव लीला समिति के अध्यक्ष राज्यवर्धन खंडूड़ी ने बताया कि पंचायती चौक में प्रतिदिन पूजा-अर्चना के साथ ढोल-दमाऊं की थाप व पंडवाणी गायन में महाभारतकालीन घटनाओं पर पांडव, कुंती, द्रोपदी समेत भगवान नारायण व अन्य देवी-देवता अपने पश्वाओं पर अवतरित हो रहे हैं। दोपहर 2 बजे से 5 बजे व रात्रि 9 से 12 बजे तक पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। मंगलवार को यहां विधि-विधान के साथ चक्रव्यूह का मंचन किया जाएगा। इस दौरान महाभारत युद्ध में वीर अभिमन्यु द्वारा चक्रव्यूह में कौरवों से युद्ध का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान यशवंत सिंह बुटोला, हर्षवर्धन रावत, नारायण सिंह बुटोला, अनिल, नरेंद्र, गोपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, दरवान सिंह, कलम सिंह आदि मौजूद थे।
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इधर, जखोली ब्लॉक के दरमोला और जवाड़ी गांव में भी पांडव नृत्य देखने के लिए क्षेत्र समेत अन्य गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वहीं, ग्राम पंचायत सन में पांडव नृत्य को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। ग्राम प्रधान विनोद नौटियाल ने बताया कि प्रवासी व ध्याणियों को विशेष तौर पर अनुष्ठान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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