{"_id":"64b3584ecde1586dd236f5ede215b224","slug":"campaign-to-catch-monkeys-coming-resource-constraints-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदरों को पकड़ने की मुहिम में संसाधन आ रहे आड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदरों को पकड़ने की मुहिम में संसाधन आ रहे आड़े
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 17 Jan 2016 05:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले एक वर्ष से जिला मुख्यालय सहित केदारघाटी व अन्य क्षेत्रों में बंदरों की दहशत बनी हुई है। बंदर खेती को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों पर भी हमला कर रहे हैं। छह माह में ही अकेले रुद्रप्रयाग में ही बंदर आठ लोगों को घायल कर चुके हैं। जबकि बंदरों को भगाने के दौरान दिसंबर माह में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
पट्टी बच्छणस्यूं के गांवों के अलावा अगस्त्यमुनि ब्लाक और जखोली में बंदर तड़के से ही घरों के आंगन में धमक रहे हैं। इधर इस वर्ष के शुरू से वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू की है। हालांकि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने से मुश्किलें हो रही हैं। विभाग के पास सिर्फ एक पिंजरा है। उसमें एक समय पर अधिकतम पांच बंदरों को ही पकड़ा जा सकता है। विधायक शैलारानी रावत, ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण ने विभाग की मुहिम को बेहतर बताते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाकर गांवों से भी बंदरों को पकड़ने को कहा है।
डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि संसाधनों के अभाव में फिलहाल एक पिंजरे की मदद से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। और पिंजरे उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पट्टी बच्छणस्यूं के गांवों के अलावा अगस्त्यमुनि ब्लाक और जखोली में बंदर तड़के से ही घरों के आंगन में धमक रहे हैं। इधर इस वर्ष के शुरू से वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू की है। हालांकि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने से मुश्किलें हो रही हैं। विभाग के पास सिर्फ एक पिंजरा है। उसमें एक समय पर अधिकतम पांच बंदरों को ही पकड़ा जा सकता है। विधायक शैलारानी रावत, ब्लाक प्रमुख जगमोहन सिंह रौथाण ने विभाग की मुहिम को बेहतर बताते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाकर गांवों से भी बंदरों को पकड़ने को कहा है।
विज्ञापन
डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि संसाधनों के अभाव में फिलहाल एक पिंजरे की मदद से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। और पिंजरे उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन