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कोर्ट का स्टे देने के बावजूद बहाली नहीं करने का मढ़ा आरोप
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रुद्रपुर के सिडकुल में इंटार्क कंपनी गेट पर खंडे कर्मचारी।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। इंटार्क कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर चेन्नई ट्रांसफर करने पर हाईकोर्ट का स्टे होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन पर कार्य बहाली नहीं करने का आरोप मढ़ा है। ड्यूटी करने के लिए बरसात के समय भी कर्मचारी घंटों कंपनी गेट के बाहर खड़े रहे। इधर, कंपनी प्रबंधन ने आदेश की कॉपी मिलने और अध्ययन करने के बाद इस संबंध में निर्णय लेने की बात कही है।
दरअसल कोविड-19 के कारण कंपनी का बिजनेस और आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित होने पर सिडकुल प्लांट के लगभग 200 कर्मचारियों को कंपनी प्रबंधन की ओर से चेन्नई में ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए थे। लेकिन कोरोना काल को देखते हुए कर्मचारियों ने चेन्नई में ड्यूटी करने से इनकार कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
इंटार्क श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि प्रबंधन ने उत्तराखंड मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर का उल्लंघन करते हुए कर्मचारियों को दूसरे राज्य में स्थानांतरण कर दिया। कहा कि सोमवार को हाईकोर्ट की ओर से कर्मचारियों के स्थानांतरण को खारिज कर स्टे दे दिया गया है। मंगलवार को कर्मचारी कंपनी गेट के आगे ड्यूटी करने पहुंचे तो प्रबंधन की ओर से उन्हें ड्यूटी पर नहीं लिया गया।
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वहां महामंत्री सौरभ कुमार, राम यादव, विशाल पटेल, नवल किशोर आदि थे। वहीं, इंटार्क कंपनी के एचआर एंड एडमिन बीवी श्रीधर ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से अगली सुनवाई तक स्थानांतरण पर स्टे दे दिया गया है लेकिन अभी तक ऑर्डर हाईकोर्ट के पोर्टल पर भी नहीं लगा है। न ही कंपनी प्रबंधन को लिखित ऑर्डर मिले हैं। जब तक ऑर्डर की कॉपी को लीगल टीम अच्छी तरह अध्ययन नहीं लेती, कंपनी प्रबंधन कोई फैसला नहीं लेगा।
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दरअसल कोविड-19 के कारण कंपनी का बिजनेस और आर्थिक स्थिति लगातार प्रभावित होने पर सिडकुल प्लांट के लगभग 200 कर्मचारियों को कंपनी प्रबंधन की ओर से चेन्नई में ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए थे। लेकिन कोरोना काल को देखते हुए कर्मचारियों ने चेन्नई में ड्यूटी करने से इनकार कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
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इंटार्क श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि प्रबंधन ने उत्तराखंड मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर का उल्लंघन करते हुए कर्मचारियों को दूसरे राज्य में स्थानांतरण कर दिया। कहा कि सोमवार को हाईकोर्ट की ओर से कर्मचारियों के स्थानांतरण को खारिज कर स्टे दे दिया गया है। मंगलवार को कर्मचारी कंपनी गेट के आगे ड्यूटी करने पहुंचे तो प्रबंधन की ओर से उन्हें ड्यूटी पर नहीं लिया गया।
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वहां महामंत्री सौरभ कुमार, राम यादव, विशाल पटेल, नवल किशोर आदि थे। वहीं, इंटार्क कंपनी के एचआर एंड एडमिन बीवी श्रीधर ने बताया कि हाईकोर्ट की ओर से अगली सुनवाई तक स्थानांतरण पर स्टे दे दिया गया है लेकिन अभी तक ऑर्डर हाईकोर्ट के पोर्टल पर भी नहीं लगा है। न ही कंपनी प्रबंधन को लिखित ऑर्डर मिले हैं। जब तक ऑर्डर की कॉपी को लीगल टीम अच्छी तरह अध्ययन नहीं लेती, कंपनी प्रबंधन कोई फैसला नहीं लेगा।