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केदारनाथ धाम में अब दो फीट बर्फ
Rudraprayag
Updated Wed, 17 Dec 2014 05:30 AM IST
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रुद्रप्रयाग। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक हुई बर्फबारी का असर केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण कार्य पर भी पड़ा है। दो दिन काम पूरी तरह बंद रहा। मंगलवार को निम के प्राचार्य कर्नल कोठियाल की मौजूदगी में मजदूरों ने यहां मंदिर परिसर से लेकर निर्माणाधीन एमआई-26 हेलीपैड में जमा बर्फ को हटाया।
निम के अनुसार निर्माण कार्य तीन दिन आगे खिसक गया है। केदारनाथ में रविवार रात से बिजली गुल है। ऐसे में यहां टार्च और मोमबत्ती के सहारे मजदूर रह रहे हैं। वैसे बर्फबारी के बाद केदारनाथ से सोनप्रयाग तक की आवाजाही बंद कर दी गई है। बुधवार को मौसम ठीक रहा तो आवाजाही शुरू हो सकती है। मंगलवार से निम ने धाम में आपदा से प्रभावित सरकारी भवनों को तोड़ने का काम पुन: शुरू कर दिया है। अब तक 12 भवन तोड़े जा चुके हैं। इस काम के लिए 10-10 लोगों की दो टीमें बनाई गई हैं।
इनका कहना है --
मैं स्वयं केदारनाथ में हूं। यहां 280 लोग हैं, जिनके लिए दिसंबर माह तक का राशन और अन्य सामान उपलब्ध है। डीजल जमने से दिक्कतें हो रही हैं। बिजली नहीं होने से भी समस्या हो रही है, लेकिन बीएसएनएल की कनेक्टिविटी बने होने से बेस कैंप बात हो रही है। बुधवार शाम तक ही धाम से सोनप्रयाग पहुंचा जा सकता है। - कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम
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धूप खिली, मौसम हुआ खुशगवार
उत्तरकाशी। तीन दिनों की बारिश और बर्फबारी के बाद मंगलवार सुबह धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। बर्फबारी के चलते सांकरी, जरमोला, राड़ी टॉप, चौरंगीखाल, सुक्की टॉप में सड़क यातायात प्रभावित हुआ था। मंगलवार को कुछ बर्फ पिघलने और शेष हटाकर यहां यातायात बहाल कर लिया गया है। हालांकि फिसलन भरी सड़क पर वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
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बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे लोग
देवाल। बर्फबारी से मुख्यालय की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। लोग बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं। महावीर सिंह, मनोज सिंह और कमलेश कुमार आदि का कहना है कि रविवार और सोमवार को हुई भारी बर्फबारी के चलते मुख्यालय की पेयजल लाइन और पेयजल स्रोत का पानी जम गया है, जिससे पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। बर्फ को गरम करने पिघले पानी से खाना बना रहे हैं और हलक तर कर रहे हैं।
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निम के अनुसार निर्माण कार्य तीन दिन आगे खिसक गया है। केदारनाथ में रविवार रात से बिजली गुल है। ऐसे में यहां टार्च और मोमबत्ती के सहारे मजदूर रह रहे हैं। वैसे बर्फबारी के बाद केदारनाथ से सोनप्रयाग तक की आवाजाही बंद कर दी गई है। बुधवार को मौसम ठीक रहा तो आवाजाही शुरू हो सकती है। मंगलवार से निम ने धाम में आपदा से प्रभावित सरकारी भवनों को तोड़ने का काम पुन: शुरू कर दिया है। अब तक 12 भवन तोड़े जा चुके हैं। इस काम के लिए 10-10 लोगों की दो टीमें बनाई गई हैं।
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इनका कहना है --
मैं स्वयं केदारनाथ में हूं। यहां 280 लोग हैं, जिनके लिए दिसंबर माह तक का राशन और अन्य सामान उपलब्ध है। डीजल जमने से दिक्कतें हो रही हैं। बिजली नहीं होने से भी समस्या हो रही है, लेकिन बीएसएनएल की कनेक्टिविटी बने होने से बेस कैंप बात हो रही है। बुधवार शाम तक ही धाम से सोनप्रयाग पहुंचा जा सकता है। - कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम
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धूप खिली, मौसम हुआ खुशगवार
उत्तरकाशी। तीन दिनों की बारिश और बर्फबारी के बाद मंगलवार सुबह धूप खिलने से लोगों ने राहत की सांस ली। बर्फबारी के चलते सांकरी, जरमोला, राड़ी टॉप, चौरंगीखाल, सुक्की टॉप में सड़क यातायात प्रभावित हुआ था। मंगलवार को कुछ बर्फ पिघलने और शेष हटाकर यहां यातायात बहाल कर लिया गया है। हालांकि फिसलन भरी सड़क पर वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
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बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे लोग
देवाल। बर्फबारी से मुख्यालय की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। लोग बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं। महावीर सिंह, मनोज सिंह और कमलेश कुमार आदि का कहना है कि रविवार और सोमवार को हुई भारी बर्फबारी के चलते मुख्यालय की पेयजल लाइन और पेयजल स्रोत का पानी जम गया है, जिससे पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। बर्फ को गरम करने पिघले पानी से खाना बना रहे हैं और हलक तर कर रहे हैं।