{"_id":"14-78174","slug":"Rudraprayag-78174-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेसक्यू एप सहित तीन सेवाएं लांच ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेसक्यू एप सहित तीन सेवाएं लांच
Rudraprayag
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने आधुनिकतम सूचना तंत्र का प्रयोग करते हुए तीन महत्वपूर्ण एप्लीकेशन लांच की। रुद्रप्रयाग उत्तराखंड का पहला जिला बन गया, जहां सारी महत्वपूर्ण सूचनाओं को डिजीटल मैप पर उतारा गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन की एंड्रायड एप्लीकेशन श्री केदार रेसक्यू डेमो और बल्क मैसेज सर्विस की लांचिंग डीएम डा. राघव लंगर ने की।
जिला प्रशासन एक साल से आधुनिक तकनीकी पर आधारित सेवाओं पर शोध करवा रहा था। इसी क्रम मेें डिजीटल मैप, श्री केदार रेसक्यू डेमो और बल्क मैसेज सर्विस को जिले की जरूरत के मुताबिक विकसित किया गया। मंगलवार को तीनों सेवाओं का शुभारंभ हुआ। सेवाओं को शुरू करने में महत्पवूर्ण भूमिका निभाने वाले मुख्य कृषि अधिकारी विनय कुमार और कलडेरा सोल्यूशंस के निदेशक नागेंद्र सिंह ने लांचिंग मौके पर पावर प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रजेंटेंशन दिया।
विनय कुमार ने बताया कि गत मई माह में उनकी ड्यूटी केदारनाथ में सेक्टर मजिस्ट्रेट के तौर पर लगी थी। तब उन्हें मोबाइल फोन पर ऐसा एप्लीकेशन डेवलप करने का विचार आया, जिससे तुरंत सूचना पहुंचे। इस विचार के आधार पर श्री केदार रेसक्यू एप डेवलप किया गया।
विज्ञापन
जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने बताया कि फिलहाल रेसक्यू एप और डिजीटल मैप प्रारंभिक अवस्था में है। इसमें सुझावों के आधार पर सुधार किए जाएंगे। अगले यात्राकाल से पूर्ण रूप से कार्य करने लगेगा।
ऐसे काम करेगा रेसक्यू एप
एंड्रायड फोन उपभोक्ता प्ले स्टोर से मुफ्त श्री केदार रेसक्यू डेमो एप डाउन लोड कर सकता है। एप के डाउनलोड होने पर इसमें रुद्रप्रयाग का मैप दिखने लगेगा। इसमें यात्री या आपात स्थिति में कोई व्यक्ति अपने लोकेशन देख सकता है। इस एप की विंडो में दाहिनी ओर इमरजेंसी मैसेज या फूड इमरजेंसी आइकन दिखाई देंगे। विपरीत परिस्थिति में फंसा व्यक्ति अपनी जरूरत के मुताबिक मैसेज भेजेगा। यह संदेश संबंधित अधिकारियों और जिला आपदा परिचालन केंद्र (डीइओसी) को जाएगा। इसमें मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की लोकेशन (अक्षांश व देशांतर) प्रदर्शित होंगे। इसी के आधार पर संबंधित व्यक्ति तक तत्काल सहायता पहुंचेगी।
अपग्रेड होंगे एप
रुद्रप्रयाग। भविष्य में रेसक्यू एप और डिजीटल मैप को और अधिक विकसित किया जाएगा। अभी डिजीटल मैप सिर्फ एक कंप्यूटर पर उपलब्ध है। इसकी लॉग इन आईडी और पासवर्ड डीएम के अधिकार में है। प्रशासन का विचार है कि आपदा प्रबंधन से जुडे़ अन्य अधिकारियों को इसकी लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिया जाए। इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है। मल्टी यूजर्स डिजीटल मैप के लिए 40 लाख का प्रपोजल उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी प्रोजेक्ट में भेजा गया है।
विज्ञापन
जिला प्रशासन एक साल से आधुनिक तकनीकी पर आधारित सेवाओं पर शोध करवा रहा था। इसी क्रम मेें डिजीटल मैप, श्री केदार रेसक्यू डेमो और बल्क मैसेज सर्विस को जिले की जरूरत के मुताबिक विकसित किया गया। मंगलवार को तीनों सेवाओं का शुभारंभ हुआ। सेवाओं को शुरू करने में महत्पवूर्ण भूमिका निभाने वाले मुख्य कृषि अधिकारी विनय कुमार और कलडेरा सोल्यूशंस के निदेशक नागेंद्र सिंह ने लांचिंग मौके पर पावर प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रजेंटेंशन दिया।
विज्ञापन
विनय कुमार ने बताया कि गत मई माह में उनकी ड्यूटी केदारनाथ में सेक्टर मजिस्ट्रेट के तौर पर लगी थी। तब उन्हें मोबाइल फोन पर ऐसा एप्लीकेशन डेवलप करने का विचार आया, जिससे तुरंत सूचना पहुंचे। इस विचार के आधार पर श्री केदार रेसक्यू एप डेवलप किया गया।
विज्ञापन
जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने बताया कि फिलहाल रेसक्यू एप और डिजीटल मैप प्रारंभिक अवस्था में है। इसमें सुझावों के आधार पर सुधार किए जाएंगे। अगले यात्राकाल से पूर्ण रूप से कार्य करने लगेगा।
ऐसे काम करेगा रेसक्यू एप
एंड्रायड फोन उपभोक्ता प्ले स्टोर से मुफ्त श्री केदार रेसक्यू डेमो एप डाउन लोड कर सकता है। एप के डाउनलोड होने पर इसमें रुद्रप्रयाग का मैप दिखने लगेगा। इसमें यात्री या आपात स्थिति में कोई व्यक्ति अपने लोकेशन देख सकता है। इस एप की विंडो में दाहिनी ओर इमरजेंसी मैसेज या फूड इमरजेंसी आइकन दिखाई देंगे। विपरीत परिस्थिति में फंसा व्यक्ति अपनी जरूरत के मुताबिक मैसेज भेजेगा। यह संदेश संबंधित अधिकारियों और जिला आपदा परिचालन केंद्र (डीइओसी) को जाएगा। इसमें मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की लोकेशन (अक्षांश व देशांतर) प्रदर्शित होंगे। इसी के आधार पर संबंधित व्यक्ति तक तत्काल सहायता पहुंचेगी।
अपग्रेड होंगे एप
रुद्रप्रयाग। भविष्य में रेसक्यू एप और डिजीटल मैप को और अधिक विकसित किया जाएगा। अभी डिजीटल मैप सिर्फ एक कंप्यूटर पर उपलब्ध है। इसकी लॉग इन आईडी और पासवर्ड डीएम के अधिकार में है। प्रशासन का विचार है कि आपदा प्रबंधन से जुडे़ अन्य अधिकारियों को इसकी लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिया जाए। इस संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है। मल्टी यूजर्स डिजीटल मैप के लिए 40 लाख का प्रपोजल उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी प्रोजेक्ट में भेजा गया है।