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ध्वस्त मोटर पुल की होगी मजिस्ट्रीयल जांच
Rudraprayag
Updated Sun, 05 Jan 2014 05:47 AM IST
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रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-जवाड़ी बाईपास मोटर मार्ग पर 14 दिसंबर 2013 को अलकनंदा नदी के ऊपर निर्माणाधीन स्टील गार्डर पुल के ध्वस्त होने की मजिस्ट्रीयल जांच होगी। जिला मजिस्ट्रेट डा. राघव लंगर ने जांच के लिए तीन एसडीएम सदर की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
बता दें कि रुद्रप्रयाग शहर में बीआरओ की ओर से अलकनंदा और मंदाकिनी नदी के दूसरी ओर बाईपास मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बदरीनाथ हाईवे को केदारनाथ हाईवे से जोड़ने के लिए रैतोली में चार साल से 124 मीटर स्पान के स्टील गार्डर पुल का निर्माण किया जा रहा था। आपदा के दौरान से पुल निर्माण कार्य बंद था। जैसे ही ठेकेदार ने कार्य शुरू कराया, पुल का ढांचा ढह गया। हादसे में दो मजदूर घायल हो गए थे।
शुरू में बीआरओ की 1442 पुल निर्माण इकाई (बीसीसी) और 66 सड़क निर्माण इकाई (आरसीसी) में पुल के अधिग्रहण को लेकर द्वंद्व रहा, जिस पर प्रशासन ने दोनों यूनिटों को नोटिस भी भेजा। अब स्पष्ट हो गया है कि पुल का निर्माण बीसीसी ही कर रही थी।
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डीएम लंगर ने बताया कि निर्माणाधीन पुल में प्रथम दृष्टया तकनीकी खामी उजागर हुई है। पुल का मलबा नदी में गिरे होने से भविष्य में नदी के प्रवाह में रुकावट आ सकती है। इन पहलुओं को देखते हुए समिति गठित कर पुल टूटने की मजिस्ट्रीयल जांच कराई जा रही है। एसडीएम सदर, लोनिवि और सिंचाई खंड के ईई को जिम्मेदारी दी गई है।
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बता दें कि रुद्रप्रयाग शहर में बीआरओ की ओर से अलकनंदा और मंदाकिनी नदी के दूसरी ओर बाईपास मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बदरीनाथ हाईवे को केदारनाथ हाईवे से जोड़ने के लिए रैतोली में चार साल से 124 मीटर स्पान के स्टील गार्डर पुल का निर्माण किया जा रहा था। आपदा के दौरान से पुल निर्माण कार्य बंद था। जैसे ही ठेकेदार ने कार्य शुरू कराया, पुल का ढांचा ढह गया। हादसे में दो मजदूर घायल हो गए थे।
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शुरू में बीआरओ की 1442 पुल निर्माण इकाई (बीसीसी) और 66 सड़क निर्माण इकाई (आरसीसी) में पुल के अधिग्रहण को लेकर द्वंद्व रहा, जिस पर प्रशासन ने दोनों यूनिटों को नोटिस भी भेजा। अब स्पष्ट हो गया है कि पुल का निर्माण बीसीसी ही कर रही थी।
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डीएम लंगर ने बताया कि निर्माणाधीन पुल में प्रथम दृष्टया तकनीकी खामी उजागर हुई है। पुल का मलबा नदी में गिरे होने से भविष्य में नदी के प्रवाह में रुकावट आ सकती है। इन पहलुओं को देखते हुए समिति गठित कर पुल टूटने की मजिस्ट्रीयल जांच कराई जा रही है। एसडीएम सदर, लोनिवि और सिंचाई खंड के ईई को जिम्मेदारी दी गई है।