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बेंजी-कांडई में 46 वर्ष बाद पांडव नृत्य शुरू
Updated Wed, 21 Nov 2018 10:47 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के दशज्यूला पट्टी के बेंजी-कांडई में 46 वर्ष के उपरांत वैदिक मंत्रोचारण व पौराणिक परंपराओं के साथ पांडव नृत्य शुरू हो गया है। गढ़वाली बोली में हो रहे इस अनुष्ठान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है।
मंगलवार को श्री कार्तिक स्वामी मंदिर चौक में स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ पुजारियों द्वारा देवी देवताओं का आह्वान किया गया। पूजा-अर्चना के साथ पांडव नृत्य शुरू हुआ। अनुष्ठान में प्रवासी ग्रामीण व ध्याणियां उत्साह से शामिल हो रही हैं। 4 दिसंबर को अनुष्ठान में चक्रव्यूह लीला का मंचन किया जाएगा। स्व. सर्वेश्वरदत्त कांडपाल द्वारा लिखित पांडव नृत्य पुस्तिका के आधार पर अनुष्ठान में महाभारत से जुड़ी घटनाओं का मंचन होगा। समिति के संरक्षक जगदीश कांडपाल, अध्यक्ष एएस नेगी, कोषाध्यक्ष डीआर कांडपाल, सचिव बीपी कांडपाल, उपाध्यक्ष विशंबर दत्त पुरोहित, ग्राम प्रधान चरण सिंह ने धार्मिक आयोजन के सफल संचालन में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है।
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मंगलवार को श्री कार्तिक स्वामी मंदिर चौक में स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ पुजारियों द्वारा देवी देवताओं का आह्वान किया गया। पूजा-अर्चना के साथ पांडव नृत्य शुरू हुआ। अनुष्ठान में प्रवासी ग्रामीण व ध्याणियां उत्साह से शामिल हो रही हैं। 4 दिसंबर को अनुष्ठान में चक्रव्यूह लीला का मंचन किया जाएगा। स्व. सर्वेश्वरदत्त कांडपाल द्वारा लिखित पांडव नृत्य पुस्तिका के आधार पर अनुष्ठान में महाभारत से जुड़ी घटनाओं का मंचन होगा। समिति के संरक्षक जगदीश कांडपाल, अध्यक्ष एएस नेगी, कोषाध्यक्ष डीआर कांडपाल, सचिव बीपी कांडपाल, उपाध्यक्ष विशंबर दत्त पुरोहित, ग्राम प्रधान चरण सिंह ने धार्मिक आयोजन के सफल संचालन में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है।
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