ऊखीमठ। ग्राम पंचायत डुंगर सेमला के डुंगर गांव के बाराही मंदिर में तीन दिवसीय शकलीकरण महायज्ञ अनुष्ठान का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ हो गया है। 42 वर्ष बाद हो रहे अनुष्ठान को लेकर स्थानीय युवाओं में उत्साह है।
रविवार को डुंगर गांव के नवनिर्मित बाराही मंदिर में शुरू हुए अनुष्ठान में आचार्य कलाधर सेमवाल, राजन सेमवाल, विनोद देवशाली, सत्य प्रसाद व सर्वेश्वर सेमवाल ने सकलीकरण पूजन के अंतर्गत पंचांग व भद्र पूजन के बाद महायज्ञ का शुभारंभ किया। गांव के 78 वर्षीय रामेश्वर प्रसाद शुक्ला एवं अवतार सिंह रावत ने बताया कि बारही मंदिर में 1977 में तीन दिवसीय सामूहिक गौंजी (सीमाबंधन) का आयोजन किया गया था। सरपंच देवेंद्र रावत बताया कि गांव के 28 परिवारों द्वारा श्रमदान एवं आर्थिक सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। मंदिर समिति के पदेन अध्यक्ष अरविंद रावत ने बताया कि रविवार को शुरू हुए शकलीकरण महायज्ञ में सोमवार को जलकलश यात्रा एवं मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ सामूहिक भोग का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष शर्मिला देवी, शिव प्रसाद शुक्ला, सुरेंद्र रावत, अमरनाथ शुक्ला, मनोज शुक्ला, बचन सिंह रावत एवं मुकेश शुक्ला, मनोज रावत, अशोक शुक्ला, मनबर रावत, हरिशंकर जोशी, उदय सिंह रावत, दिनेश व प्रकाश शुक्ला मौजूद थे।