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ोनकोट में अपनी बहन मां कालिंका से मिली मां हरियाली
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम दानकोट में आयोजित मां हरियाली देवी के नौ दिवसीय पूजन के छठवें दिन ग्राम पंचायत गहड़ के देवता शामिल हुए। इस अवसर पर देवी-देवताओं के आपसी मिलन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
शुक्रवार को प्रात: कथा पांडाल परिसर में पुजारियों की ओर से आराध्य मां हरियाली की विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवी का श्रृंगार कर भोग लगाया गया। प्रात: 10 बजे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ ग्राम गहड़ के देवी-देवता अपने भक्तों के साथ दानकोट गांव पहुंचे। यहां मां कालिंका अपनी बहन हरियाली से मिली। दोनों बहनें अपने पश्वाओं पर अवतरित हुई और एक-दूसरे की कुशलक्षेम पूछी। अपनी ध्याणियों से 26 वर्ष बाद मिलन की खुशी मां हरियाली और मां कालिंका के आंखों से बहते आंसू बयां कर रहे थे। आराध्य ने ध्याणियों और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रावत, नारायण सिंह रावत, प्रेम सिंह, बीएस कंडारी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
इसके उपरांत दोपहर बाद 2 बजे से श्रीमद्देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवे दिन व्यास आचार्य गिरीश चंद्र शैली ने कहा कि मां भगवती (दुर्गा) ने स्वर्ग और पृथ्वी की सुरक्षा के लिए समय-समय पर अवतार लेकर राक्षसों का नाश किया है। उन्होंने चैत्र नवरात्र पर घरों व मंदिरों में देवी पूजन का विशेष महत्व बताया। इधर, केदारघाटी के ग्राम पंचायत फेगू व फहली में आयोजित देवी अनुष्ठान में कथा वाचकों ने मां काली के रूप का वर्णन किया। वहीं, जखोली ब्लाक के कोठियाड़ा में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा की गई। इस मौके पर काफी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
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शुक्रवार को प्रात: कथा पांडाल परिसर में पुजारियों की ओर से आराध्य मां हरियाली की विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवी का श्रृंगार कर भोग लगाया गया। प्रात: 10 बजे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ ग्राम गहड़ के देवी-देवता अपने भक्तों के साथ दानकोट गांव पहुंचे। यहां मां कालिंका अपनी बहन हरियाली से मिली। दोनों बहनें अपने पश्वाओं पर अवतरित हुई और एक-दूसरे की कुशलक्षेम पूछी। अपनी ध्याणियों से 26 वर्ष बाद मिलन की खुशी मां हरियाली और मां कालिंका के आंखों से बहते आंसू बयां कर रहे थे। आराध्य ने ध्याणियों और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह रावत, नारायण सिंह रावत, प्रेम सिंह, बीएस कंडारी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
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इसके उपरांत दोपहर बाद 2 बजे से श्रीमद्देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवे दिन व्यास आचार्य गिरीश चंद्र शैली ने कहा कि मां भगवती (दुर्गा) ने स्वर्ग और पृथ्वी की सुरक्षा के लिए समय-समय पर अवतार लेकर राक्षसों का नाश किया है। उन्होंने चैत्र नवरात्र पर घरों व मंदिरों में देवी पूजन का विशेष महत्व बताया। इधर, केदारघाटी के ग्राम पंचायत फेगू व फहली में आयोजित देवी अनुष्ठान में कथा वाचकों ने मां काली के रूप का वर्णन किया। वहीं, जखोली ब्लाक के कोठियाड़ा में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा की गई। इस मौके पर काफी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
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