{"_id":"5b22a3574f1c1bac6e8b7cc7","slug":"161528996695-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएनएम विहीन 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएनएम विहीन 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा टीकाकरण
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रप्रयाग। जनपद में स्वास्थ्य विभाग के एएनएम विहीन 24 उपकेंद्रों पर टीकाकरण होगा। इन केंद्रों पर शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को एक सप्ताह में कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डा. एसके झा ने कहा कि जनपद में 24 उपकेंद्रों पर एएनएम नहीं हैं। इन केंद्रों पर निकटवर्ती गांवों के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण शत-प्रतिशत हो, इसके लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्ययोजनाएं बनाए। सीएमओ ने कहा कि प्रतिरक्षण कार्यक्रम अति महत्वपूर्ण है। एक भी बच्चा प्रतिरक्षण से वंचित न हो, इसका पूरा ख्याल रखना अनिवार्य है। इस अवसर पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत एनएसवी के लक्षित वर्ग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। सीएमओ ने कहा कि सभी चिकित्सालयों में दो-दो एनएसवी सुनिश्चित करवाने का वार्षिक लक्ष्य रखा गया। उन्होंने जिला चिकित्सालय, सीएचसी अगस्त्यमुनि, जखोली व पीएससी ऊखीमठ में ई-पर्ची अनिवार्य रुप से शुरू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिले में तैनात दंत चिकित्सकों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई। इस मौके पर एसीएमओ डा. ओपी आर्य, प्रभारी सीएमएस डा. डीएस रावत, डा. जेएस नेगी, डीपीएम हिमांशु नौड़ियाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डा. एसके झा ने कहा कि जनपद में 24 उपकेंद्रों पर एएनएम नहीं हैं। इन केंद्रों पर निकटवर्ती गांवों के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण शत-प्रतिशत हो, इसके लिए प्रभारी चिकित्साधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्ययोजनाएं बनाए। सीएमओ ने कहा कि प्रतिरक्षण कार्यक्रम अति महत्वपूर्ण है। एक भी बच्चा प्रतिरक्षण से वंचित न हो, इसका पूरा ख्याल रखना अनिवार्य है। इस अवसर पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत एनएसवी के लक्षित वर्ग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। सीएमओ ने कहा कि सभी चिकित्सालयों में दो-दो एनएसवी सुनिश्चित करवाने का वार्षिक लक्ष्य रखा गया। उन्होंने जिला चिकित्सालय, सीएचसी अगस्त्यमुनि, जखोली व पीएससी ऊखीमठ में ई-पर्ची अनिवार्य रुप से शुरू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिले में तैनात दंत चिकित्सकों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई। इस मौके पर एसीएमओ डा. ओपी आर्य, प्रभारी सीएमएस डा. डीएस रावत, डा. जेएस नेगी, डीपीएम हिमांशु नौड़ियाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन