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पढ़ाई के साथ अपने पाल्यों की अन्य प्रतिभा को भी निखारें माता-पिता: डीएम
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रुद्रप्रयाग। राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला में के समर कैंप में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने छात्र-छात्राओं से कैंप में प्राप्त अनुभवों को व्यवहारिक जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति, विज्ञान, गायन, नृत्य आदि विधाओं में भी प्रतिभाग करने को कहा। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों की प्रतिभा निखारने की अपील की।
विद्यालय में आयोजित समर कैंप के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि डीएम ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का है। इसलिए, हमें अपने बच्चों के प्रति प्राथमिक स्तर से ही गंभीर होना होगा। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने और प्रतिदिन अधिक से अधिक समय उनके साथ बिताने को कहा। साथ ही बच्चे को उसकी रुचि के अनुरूप मदद करने को भी कहा। विशिष्ट अतिथि पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली और जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि समर कैंप में मिले अनुभव बच्चों के स्कूली व सामाजिक जीवन में लाभकारी होंगे। प्रधानाध्यापक सत्येंद्र सिंह भंडारी ने समर कैंप के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सात दिनों में छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण, प्रार्थना सभा, हस्तशिल्प, पेंटिंग, गायन, डांस के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं ने लोक पारंपरिक थड्या, चौंफला, चांछड़ी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी। कैंप के समापन पर मुख्य अतिथि द्वारा बच्चों के मिष्ठान के लिए पारितोषिक भी दिया गया। इस अवसर पर अभिभावक कोमा देवी, भादी देवी, पूनम देवी, ऊषा देवी, भुवनेश्वरी चौधरी आदि मौजूद थे।
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विद्यालय में आयोजित समर कैंप के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि डीएम ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का है। इसलिए, हमें अपने बच्चों के प्रति प्राथमिक स्तर से ही गंभीर होना होगा। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने और प्रतिदिन अधिक से अधिक समय उनके साथ बिताने को कहा। साथ ही बच्चे को उसकी रुचि के अनुरूप मदद करने को भी कहा। विशिष्ट अतिथि पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली और जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि समर कैंप में मिले अनुभव बच्चों के स्कूली व सामाजिक जीवन में लाभकारी होंगे। प्रधानाध्यापक सत्येंद्र सिंह भंडारी ने समर कैंप के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सात दिनों में छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण, प्रार्थना सभा, हस्तशिल्प, पेंटिंग, गायन, डांस के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं ने लोक पारंपरिक थड्या, चौंफला, चांछड़ी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी। कैंप के समापन पर मुख्य अतिथि द्वारा बच्चों के मिष्ठान के लिए पारितोषिक भी दिया गया। इस अवसर पर अभिभावक कोमा देवी, भादी देवी, पूनम देवी, ऊषा देवी, भुवनेश्वरी चौधरी आदि मौजूद थे।
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