{"_id":"5b65d9404f1c1b8f3e8b50b3","slug":"141533401408-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्याय पंचायत प्रभारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्याय पंचायत प्रभारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
गुप्तकाशी। कृषि विज्ञान केंद्र जाखधार में न्याय पंचायत प्रभारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण शिविर में प्रभारियों को कृषि व उद्यानीकरण की नवीन तकनीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
शिविर का शुभारंभ करते हुए केंद्र के प्रभारी अधिकारी वैज्ञानिक डा. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि आधुनिक युग तकनीकी खेती का है। कम जगह पर अधिक उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पॉलीहाउस और उन्नतशील बीजों के उपयोग से फल, सब्जी में पैदावार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कृषि और उद्यान के प्रति गंभीर होकर कार्य करने की बात कही। डा. शर्मा ने कहा कि फल व सब्जी उत्पादन से स्वयं की आर्थिकी को मजबूत करने के साथ अन्य को भी रोजगार दिया जा सकता है। इस मौके पर न्याय पंचायत प्रभारियों को गांवों में प्रगतिशील किसानों के चयन एवं महत्व के बारे में बताया गया। ग्राम प्रधान विनोद प्रसाद देवशाली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जैविक खेती के आधार पर कृषि विज्ञान केंद्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं, जो आने वाले समय में जनपद व प्रदेश की खेती के लिए नई मिसाल होंगे। उन्होंने प्रसार कार्यकर्ताओं को खेती की नई तकनीक, उपकरणों, बीज सहित अन्य जानकारियों के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. डीके चौरसिया ने भारत सरकार के 2022 तक काश्तकारों की आय दोगुनी करने के उद्देश्यों के बारे में बताया। इस मौके पर जनपद के 24 न्याय पंचायतों के प्रभारी व अन्य मौजूद थे।
विज्ञापन
शिविर का शुभारंभ करते हुए केंद्र के प्रभारी अधिकारी वैज्ञानिक डा. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि आधुनिक युग तकनीकी खेती का है। कम जगह पर अधिक उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पॉलीहाउस और उन्नतशील बीजों के उपयोग से फल, सब्जी में पैदावार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कृषि और उद्यान के प्रति गंभीर होकर कार्य करने की बात कही। डा. शर्मा ने कहा कि फल व सब्जी उत्पादन से स्वयं की आर्थिकी को मजबूत करने के साथ अन्य को भी रोजगार दिया जा सकता है। इस मौके पर न्याय पंचायत प्रभारियों को गांवों में प्रगतिशील किसानों के चयन एवं महत्व के बारे में बताया गया। ग्राम प्रधान विनोद प्रसाद देवशाली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जैविक खेती के आधार पर कृषि विज्ञान केंद्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं, जो आने वाले समय में जनपद व प्रदेश की खेती के लिए नई मिसाल होंगे। उन्होंने प्रसार कार्यकर्ताओं को खेती की नई तकनीक, उपकरणों, बीज सहित अन्य जानकारियों के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. डीके चौरसिया ने भारत सरकार के 2022 तक काश्तकारों की आय दोगुनी करने के उद्देश्यों के बारे में बताया। इस मौके पर जनपद के 24 न्याय पंचायतों के प्रभारी व अन्य मौजूद थे।
विज्ञापन