फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   फिर से शुरू की जाए आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन

फिर से शुरू की जाए आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन

Sun, 04 Mar 2018 10:48 PM IST
Updated Sun, 04 Mar 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
फिर से शुरू की जाए आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन

विज्ञापन
जखोली। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हयात सिंह राणा और बालकृष्ण सेमवाल ने सम्मान पेंशन दिए जाने की मांग की है। कहा कि उन्हें पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारी घोषित कर सम्मान पेंशन के रूप में 5 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे, लेकिन वर्तमान सरकार के गृह सचिव विनोद शर्मा द्वारा इस पेंशन को बंद कर दिया गया है, जो अनुचित है। राज्यपाल को भेजे पत्र में राणा ने कहा कि वह सेना से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। वर्ष 1994 में उत्तराखंड आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्हें श्रीनगर से गिरफ्तार कर 14 दिन तक सहारनपुर जेल में रखा गया। वह आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और गोली लगने से घायल भी हुए थे, तब उन्हें सहारनपुर के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 21 अगस्त 2004 को पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मुझे राज्य आंदोलनकारी घोषित कर सम्मान पेंशन 5000 रुपये स्वीकृत की गई, जो प्रतिमाह मिलती थी, लेकिन जुलाई 2016 में यह शपथ पत्र लिया गया कि वह प्रदेश सरकार से अन्य किसी प्रकार की पेंशन तो नहीं लेते हैं। इसके बाद बिना किसी सूचना के सम्मान पेंशन को बंद कर दिया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार से पुन: पेंशन शुरू किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed