{"_id":"fb0fd66eb1b452b1866db4c98dcfca32","slug":"rudraprayag-sdm-swept-away-in-mandakini-river","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथः रुद्रप्रयाग के एसडीएम मंदाकिनी में बहे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथः रुद्रप्रयाग के एसडीएम मंदाकिनी में बहे
रुद्रप्रयाग/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 09:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनाथ धाम में बुधवार को एसडीएम अजय अरोड़ा मंदाकिनी नदी पार करते हुए उफनती धारा में बह गए। पुलिस और एनडीआरएफ के जवान देर शाम तक नदी किनारे उन्हें तलाशते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अल्मोड़ा के एसडीएम अजय अरोड़ा (45) आपदा के बाद से गुप्तकाशी क्षेत्र में तैनात थे। बुधवार को वे चॉपर से केदारनाथ पहुंचे।
केदारनाथ तक पैदल पहुंचे राहत आयुक्त वीवीआरसी पुरुषोत्तम द्वारा विभिन्न विभागों को काम की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि अरोड़ा इसी के सुपरविजन के लिए केदारनाथ गए थे।
अपराह्न करीब 3.20 बजे वे अपने साथियों के साथ केदारनाथ मंदिर से कैंप की तरफ लौट रहे थे। कैंप और मंदिर के बीच में मंदाकिनी नदी को पार करने के लिए तख्ता बांधकर अस्थायी पुल का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
देखते ही देखते तेज धारा में गुम हो गए
पुल पार करते हुए अरोड़ा का पांव फिसल गया और वे नदी में जा गिरे। साथ चल रहे लोग हल्ला मचाते हुए मदद के लिए भागे, लेकिन अरोड़ा तेज धारा में बह गए।
डीएम दिलीप जावलकर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गौरीकुंड और अन्य स्थानों पर नदी में जाला लगाने की कार्रवाई चल रही है। गौचर आईटीबीपी से भी नेट मंगाया जा रहा है। यदि मौसम साफ रहता है, तो कमिश्नर के साथ केदारनाथ जाएंगे।
शासन पर उठ रहे सवाल
एसडीएम अजय अरोड़ा को केदारनाथ भेजना शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जाता है कि वह भारी शरीर के थे। जबकि जिले में उनसे अधिक युवा और फिट एसडीएम मौजूद थे।
विज्ञापन
अल्मोड़ा के एसडीएम अजय अरोड़ा (45) आपदा के बाद से गुप्तकाशी क्षेत्र में तैनात थे। बुधवार को वे चॉपर से केदारनाथ पहुंचे।
केदारनाथ तक पैदल पहुंचे राहत आयुक्त वीवीआरसी पुरुषोत्तम द्वारा विभिन्न विभागों को काम की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि अरोड़ा इसी के सुपरविजन के लिए केदारनाथ गए थे।
विज्ञापन
अपराह्न करीब 3.20 बजे वे अपने साथियों के साथ केदारनाथ मंदिर से कैंप की तरफ लौट रहे थे। कैंप और मंदिर के बीच में मंदाकिनी नदी को पार करने के लिए तख्ता बांधकर अस्थायी पुल का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
देखते ही देखते तेज धारा में गुम हो गए
पुल पार करते हुए अरोड़ा का पांव फिसल गया और वे नदी में जा गिरे। साथ चल रहे लोग हल्ला मचाते हुए मदद के लिए भागे, लेकिन अरोड़ा तेज धारा में बह गए।
डीएम दिलीप जावलकर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गौरीकुंड और अन्य स्थानों पर नदी में जाला लगाने की कार्रवाई चल रही है। गौचर आईटीबीपी से भी नेट मंगाया जा रहा है। यदि मौसम साफ रहता है, तो कमिश्नर के साथ केदारनाथ जाएंगे।
शासन पर उठ रहे सवाल
एसडीएम अजय अरोड़ा को केदारनाथ भेजना शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जाता है कि वह भारी शरीर के थे। जबकि जिले में उनसे अधिक युवा और फिट एसडीएम मौजूद थे।