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शूर्पनखा की काटी नाक, सेना सहित खरदूषण का वध
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:55 PM IST
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पंचवटी
- फोटो : amarujala
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पंचवटी के मनोरम दृश्य के बीच सुंदर कन्य का वेश धरकर पहुंची शूर्पनखा के नाक कान छेदन से गुस्साए खरदूषण को उसकी सेना सहित भगवान श्रीराम ने धराशायी कर दिया। श्री सनातन धर्म रामनगर रुड़की के तत्वावधान में आयोजित श्रीरालीला में इस दृश्य के मंचन ने श्रद्धालुओं में रोमांच पैदा कर दिया।
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श्रीरामलीला प्रांगण में आयोजित श्रीराम लीला महोत्सव बृहस्पतिवार को शूर्पनखा के नाक कान छेदन और इसके बाद खरदूषण राक्षसों के वध के रोमांचक प्रसंग का मंचन किया गया। खरदूषण के श्रीराम के साथ हुए युद्ध में मारे जाने के बाद शूर्पनखा ने लंका नरेश रावण को श्रीराम से बदला लेने के लिए प्रेरित किया। यहीं से माता सीता के हरण और श्रीराम रावण के युद्ध की पटकथा आरंभ हुई। क्रोधित रावण ने श्रीराम से बदला लेने के लिए अपने पराक्रम का सहारा न लेकर छल से माता सीता का हरण करने की योजना बनाई। जिसके रावण ने मारीचको मृग का रूप धरकर माता सीता को आकर्षित करने के लिए विवश किया। जिसके बाद मायावी मृग को लाने के लिए माता सीता ने श्रीराम से प्रार्थना की तो वे उसके पीछे चल दिए और लक्ष्मण को माता सीता की रक्षा के लिए नियुक्त कर गए।
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काफी देर तक श्रीराम के न लौटने पर माता सीता ने लक्ष्मण को जाने के विवश कर दिया। लक्ष्मण ने जाते समय माता की रक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींच दी और श्रीराम को ढूंढने के लिए निकल पड़े। इसी का फायदा उठाकर रावण भेष बदलकर माता सीता के पास आया और भिक्षा लेने के बहाने माता सीता का हरण कर लिया। इस दौरान सभी कलाकारों ने अपने कुशल अभिनय से सभी पात्रों को जीवंतता प्रदान की। इस मौके पर शादीलाल लखानी, किशन माटा, गुलशन अनेजा, संजय अरोडा, सतीश कालरा, रत्नाकर शर्मा, अमित चटकारा, हरीश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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