ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रुड़की में विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बोट क्लब स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी सात सूत्रीय मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग की।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियनों के हड़ताल का असर रुड़की में भी नजर आया। ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया। धरने पर बैठे विद्युत अधिकारी व कर्मचारियों ने अपनी सात मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि बिजली दरों की सुविधा पूर्व की भांति देने, ऊर्जा विभाग के पूर्व एसीपी की व्यवस्था को बहाल करने, ऊर्जा के तीनों निगमों का एकीकरण करने, तकनीशियन वर्ग की अवर अभियंता पद पदोन्नति करने, ठेका प्रथा बंद करने, वर्ष 2000 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने जैसी सात मांगों को पूरा करने की मांग की। धरने में आशुतोष तिवारी, रमन कुमार, अनिल वर्मा, वीके सिंह, नंदिता अग्रवाल, राजीव चक्रवर्ती, अवनीश शर्मा, ब्रजभूषण, सुरेंद्र दत्त शर्मा, अंकिता सैनी, देवेंद्र शर्मा, वसीम अहमद, राजकुमार भारती, मोहम्मद फय्याज, संजीव घाघट, नानक चंद, दीपक शांडिल्य, अंकिता सैनी, अनिता, सुनील पोखरियाल, मयंक पंत, विनीत गुप्ता, एसके बिष्ट, दिनेश तिवारी आदि उपस्थित थे।