{"_id":"618ea8e88e399c2f4f1deb0a","slug":"recovery-notice-in-mid-day-meal-scam-case-roorkee-news-drn395912242","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिड डे मील घोटाले मामले में रिकवरी का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिड डे मील घोटाले मामले में रिकवरी का नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्सर। लक्सर स्थित केवी इंटर कॉलेज में 2015 में हुए कथित मिड-डे-मील घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इसमें दोषी पाए जाने के बाद विभाग ने तत्कालीन प्रधानाचार्य को प्रवक्ता के मूल पद पर तैनात कर दिया था। अब विभाग ने गबन की धनराशि की रिकवरी का नोटिस आरोपी प्रवक्ता को दिया है।
लक्सर तहसील के अधिवक्ता मगन सिंह नागर ने मार्च 2021 में शिक्षा विभाग को शिकायती पत्र भेजकर नवंबर व दिसंबर 2015 में स्कूल में मिड-डे-मील में घोटाले का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने स्कूल के रसोईघर की वीडियो फुटेज भी विभाग को भेजी थी। विभाग ने कई स्तर पर शिकायत की जांच कराई। तब जांच के दौरान बच्चों के लिए मिड-डे-मील के तहत पका पकाया भोजन देने में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। पता चला कि नवंबर में दो, तीन, चार, पांच, 15, 17, 23, 28 और 31 तारीख को स्कूल में भोजन पकाया ही नहीं गया। दिसंबर में भी 26, 29 व 30 तारीख को भी भेजन नहीं पकाया गया। इनके अलावा जिन दिनों में मिड डे मील बच्चों को मिला, तब भी महज 30 से 60 बच्चों के लिए ही खाना पकाया गया, जबकि मिड-डे-मील के उपभोग रजिस्टर में एक हजार से अधिक बच्चों को खाना खिलाया जाना दर्शाया गया। जांच के बाद विभाग ने तत्कालीन प्रधानाचार्य जयप्रकाश सिंह को प्रवक्ता के मूल पद पर भेजकर सीनियर प्रवक्ता पीएस लोहिया को प्रधानाचार्य का कार्यभार सौंप दिया था। अब विभाग ने मिड-डे-मील घोटाले में 35,971 रुपये और 957 किलो चावल (कुल रुपये 57976) के गबन का दोषी मानते हुए पूर्व प्रधानाचार्य को एक सप्ताह में उक्त धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। डीईओ बेसिक विद्याशंकर चतुर्वेदी ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
लक्सर तहसील के अधिवक्ता मगन सिंह नागर ने मार्च 2021 में शिक्षा विभाग को शिकायती पत्र भेजकर नवंबर व दिसंबर 2015 में स्कूल में मिड-डे-मील में घोटाले का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने स्कूल के रसोईघर की वीडियो फुटेज भी विभाग को भेजी थी। विभाग ने कई स्तर पर शिकायत की जांच कराई। तब जांच के दौरान बच्चों के लिए मिड-डे-मील के तहत पका पकाया भोजन देने में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। पता चला कि नवंबर में दो, तीन, चार, पांच, 15, 17, 23, 28 और 31 तारीख को स्कूल में भोजन पकाया ही नहीं गया। दिसंबर में भी 26, 29 व 30 तारीख को भी भेजन नहीं पकाया गया। इनके अलावा जिन दिनों में मिड डे मील बच्चों को मिला, तब भी महज 30 से 60 बच्चों के लिए ही खाना पकाया गया, जबकि मिड-डे-मील के उपभोग रजिस्टर में एक हजार से अधिक बच्चों को खाना खिलाया जाना दर्शाया गया। जांच के बाद विभाग ने तत्कालीन प्रधानाचार्य जयप्रकाश सिंह को प्रवक्ता के मूल पद पर भेजकर सीनियर प्रवक्ता पीएस लोहिया को प्रधानाचार्य का कार्यभार सौंप दिया था। अब विभाग ने मिड-डे-मील घोटाले में 35,971 रुपये और 957 किलो चावल (कुल रुपये 57976) के गबन का दोषी मानते हुए पूर्व प्रधानाचार्य को एक सप्ताह में उक्त धनराशि सरकारी कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। डीईओ बेसिक विद्याशंकर चतुर्वेदी ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की है।
विज्ञापन