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Roorkee News: बंजारेवाला ग्रंट में खनन परियोजना पर लोक सुनवाई
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बंजारेवाला ग्रंट में खनन परियोजना पर लोक सुनवाई, ग्रामीणों ने रखे सुझाव चिल्ला वाली नदी में दो
तहसील भगवानपुर के ग्राम बंजारेवाला ग्रंट में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं के लिए आयोजित लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने वैज्ञानिक तरीके से खनन और क्षेत्रीय विकास की मांग प्रमुखता से उठाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम भगवानपुर डीएस नेगी ने की। आयोजन उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से किया गया।
चिल्लावाली नदी के तल में प्रस्तावित खनन कार्यों के लिए दो अलग-अलग स्लॉट में जनसुनवाई आयोजित की गई। पहला स्लॉट जिसमें 2.788 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खनन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं दूसरा स्लॉट 2.0 हेक्टेयर क्षेत्रफल से संबंधित है। दोनों ही प्रस्ताव चिल्ला वाली नदी क्षेत्र से जुड़े हैं।
इस दौरान कैलाश रिवर बेड मिनरल्स एलएलपी ने 2.0 हेक्टेयर क्षेत्र (खसरा संख्या 1322) में रेत, बजरी और बोल्डर खनन की पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया। परियोजना की वार्षिक उत्पादन क्षमता 1,08,000 टन निर्धारित की गई है। लोक सुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि खनन कार्य पूरी तरह वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किया जाए ताकि पर्यावरण और जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी आपत्तियों और सुझावों को नियमानुसार संकलित कर अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण को भेजा जाएगा। इस दौरान एसडीम भगवानपुर डीएस नेगी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश सैनी, स्वराज चौहान, सचिन तोमर, सोनी पाल आदि मौजूद रहे।
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चिल्लावाली नदी के तल में प्रस्तावित खनन कार्यों के लिए दो अलग-अलग स्लॉट में जनसुनवाई आयोजित की गई। पहला स्लॉट जिसमें 2.788 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खनन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं दूसरा स्लॉट 2.0 हेक्टेयर क्षेत्रफल से संबंधित है। दोनों ही प्रस्ताव चिल्ला वाली नदी क्षेत्र से जुड़े हैं।
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इस दौरान कैलाश रिवर बेड मिनरल्स एलएलपी ने 2.0 हेक्टेयर क्षेत्र (खसरा संख्या 1322) में रेत, बजरी और बोल्डर खनन की पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया। परियोजना की वार्षिक उत्पादन क्षमता 1,08,000 टन निर्धारित की गई है। लोक सुनवाई में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि खनन कार्य पूरी तरह वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किया जाए ताकि पर्यावरण और जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी आपत्तियों और सुझावों को नियमानुसार संकलित कर अग्रिम कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकरण को भेजा जाएगा। इस दौरान एसडीम भगवानपुर डीएस नेगी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुकेश सैनी, स्वराज चौहान, सचिन तोमर, सोनी पाल आदि मौजूद रहे।