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Roorkee News: ईएसआईसी दफ्तर में नहीं बन रहे मरीजों के पर्चे, लोगों ने किया प्रदर्शन
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रुड़की। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) रुड़की के दफ्तर में मरीजों का पर्चा बनवाने पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि चार दिनों से पर्चे नहीं बन पा रहे हैं। एक पर्चा बनवाने में आधा घंटा लग रहा है। जबकि लोगों के लिए दफ्तर में पानी और धूप में बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। लोगों ने अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है।
रुड़की स्थित आवास-विकास में कर्मचारी राज्य बीमा निगम का दफ्तर बना है। यहां पर विभिन्न कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों और उनके अभिभावकों के इलाज लिए पर्चे बनाए जाते हैं। इसके बाद मरीजों को अस्पतालों में पर्चे पर रेफर कर इलाज कराया जाता है। शुक्रवार को दफ्तर में बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके अभिभावक पहुंचे और प्रदर्शन किया।
लंढौरा निवासी साहिब ने आरोप लगाया कि वह चार दिन से पर्चा बनवाने के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पर्चा नहीं बन पा रहा है। बताया कि दफ्तर में एक महिला कर्मचारी तैनात है। पर्चा बनवाने में महिला कर्मचारी आधे घंटे समय लेती है। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुनीता, विकास, आदेश आदि ने बताया कि इतनी गर्मी में दफ्तर में न ही पानी की व्यवस्था और न ही धूप से बचने की। ऐसे में उन्हें धूप में खड़े होकर पर्चा बनवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि पानी के लिए बाहर से बोतल खरीदकर लानी पड़ रही है। उन्होंने ईएसआईसी के अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की।
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अब मरीजों को दो जगह रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है, यह केंद्र सरकार का नियम हाल ही में आया है। जिसकी वजह से पर्चा बनने में देरी हो रही है। जबकि पहले एक जगह ही रजिस्ट्रेशन होता था और पर्चा जल्दी बन जाता था। पानी के लिए दफ्तर के बाहर वाटर कूलर लगा है और बैठने की भी उचित व्यवस्था है। फिर भी अगर कोई कमी है तो सुधार लाया जाएगा।
- रीना बर्मन, मेडिकल ऑफिसर, ईएसआईसी, हरिद्वार
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रुड़की स्थित आवास-विकास में कर्मचारी राज्य बीमा निगम का दफ्तर बना है। यहां पर विभिन्न कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों और उनके अभिभावकों के इलाज लिए पर्चे बनाए जाते हैं। इसके बाद मरीजों को अस्पतालों में पर्चे पर रेफर कर इलाज कराया जाता है। शुक्रवार को दफ्तर में बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके अभिभावक पहुंचे और प्रदर्शन किया।
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लंढौरा निवासी साहिब ने आरोप लगाया कि वह चार दिन से पर्चा बनवाने के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पर्चा नहीं बन पा रहा है। बताया कि दफ्तर में एक महिला कर्मचारी तैनात है। पर्चा बनवाने में महिला कर्मचारी आधे घंटे समय लेती है। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुनीता, विकास, आदेश आदि ने बताया कि इतनी गर्मी में दफ्तर में न ही पानी की व्यवस्था और न ही धूप से बचने की। ऐसे में उन्हें धूप में खड़े होकर पर्चा बनवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि पानी के लिए बाहर से बोतल खरीदकर लानी पड़ रही है। उन्होंने ईएसआईसी के अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की।
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अब मरीजों को दो जगह रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है, यह केंद्र सरकार का नियम हाल ही में आया है। जिसकी वजह से पर्चा बनने में देरी हो रही है। जबकि पहले एक जगह ही रजिस्ट्रेशन होता था और पर्चा जल्दी बन जाता था। पानी के लिए दफ्तर के बाहर वाटर कूलर लगा है और बैठने की भी उचित व्यवस्था है। फिर भी अगर कोई कमी है तो सुधार लाया जाएगा।
- रीना बर्मन, मेडिकल ऑफिसर, ईएसआईसी, हरिद्वार