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Roorkee News: लिब्बरहेड़ी गांव में लंपी बीमारी का प्रकोप
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क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर पशुओं में घातक लंपी स्किन डिजीज ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। नारसन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले लिब्बरहेड़ी गांव में इन दिनों इस वायरल बीमारी की चपेट में आकर कई पशु गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। आरोप है कि लगातार सूचना देने के बावजूद पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे स्थानीय पशुपालकों में रोष व्याप्त है।
विकासखंड नारसन क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव के पशुपालकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके मवेशियों में लंपी बीमारी के लक्षण तेजी से उभर रहे हैं। संक्रमित पशुओं के शरीर पर गांठें उभर रही हैं। तेज बुखार आ रहा है और वे चारा खाने में असमर्थ हैं। गांव के पशुपालक विनोद कुमार राठी ने बताया कि उनके दुधारू पशु पिछले तीन दिन से लंपी के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं लेकिन अब तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी गांव में सुध लेने नहीं पहुंचा है।
एक अन्य पशुपालक रवि कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते बीमारी की रोकथाम नहीं की गई तो यह संक्रमण महामारी का रूप ले सकता है और अन्य स्वस्थ पशुओं तक भी फैल सकता है।
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स्थानीय किसानों और पशुपालकों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पशुपालकों का कहना है कि उन्होंने कई बार पशु चिकित्सा केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन पर इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी न तो कोई डॉक्टर गांव में मुआयना करने आया और न ही बीमार पशुओं के इलाज या टीकाकरण के लिए कोई टीम भेजी गई। किसानों का कहना है कि दुधारू पशुओं के बीमार होने से उनकी आजीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
लिब्बरहेड़ी के ग्रामीणों और पशुपालकों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी दो दिनों के भीतर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में नहीं आया और गांव में कैंप लगाकर टीकाकरण व दवा वितरण का काम शुरू नहीं किया गया तो वे पशुओं को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
कोट :
लिब्बरहेड़ी गांव में पशुओं में लंपी बीमारी फैलने की जानकारी अभी मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में पशु चिकित्सा अधिकारियों की एक विशेष टीम भेजी जा रही है। संक्रमित पशुओं का तुरंत इलाज शुरू करवाया जाएगा और टीकाकरण अभियान भी तेज किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जांच की जाएगी। -डाॅ. सतीश जोशी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार
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विकासखंड नारसन क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी गांव के पशुपालकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके मवेशियों में लंपी बीमारी के लक्षण तेजी से उभर रहे हैं। संक्रमित पशुओं के शरीर पर गांठें उभर रही हैं। तेज बुखार आ रहा है और वे चारा खाने में असमर्थ हैं। गांव के पशुपालक विनोद कुमार राठी ने बताया कि उनके दुधारू पशु पिछले तीन दिन से लंपी के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं लेकिन अब तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी गांव में सुध लेने नहीं पहुंचा है।
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एक अन्य पशुपालक रवि कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते बीमारी की रोकथाम नहीं की गई तो यह संक्रमण महामारी का रूप ले सकता है और अन्य स्वस्थ पशुओं तक भी फैल सकता है।
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स्थानीय किसानों और पशुपालकों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पशुपालकों का कहना है कि उन्होंने कई बार पशु चिकित्सा केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन पर इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासन ही मिले।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी न तो कोई डॉक्टर गांव में मुआयना करने आया और न ही बीमार पशुओं के इलाज या टीकाकरण के लिए कोई टीम भेजी गई। किसानों का कहना है कि दुधारू पशुओं के बीमार होने से उनकी आजीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
लिब्बरहेड़ी के ग्रामीणों और पशुपालकों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी दो दिनों के भीतर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में नहीं आया और गांव में कैंप लगाकर टीकाकरण व दवा वितरण का काम शुरू नहीं किया गया तो वे पशुओं को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
कोट :
लिब्बरहेड़ी गांव में पशुओं में लंपी बीमारी फैलने की जानकारी अभी मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में पशु चिकित्सा अधिकारियों की एक विशेष टीम भेजी जा रही है। संक्रमित पशुओं का तुरंत इलाज शुरू करवाया जाएगा और टीकाकरण अभियान भी तेज किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जांच की जाएगी। -डाॅ. सतीश जोशी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार